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Nagpur

देश में सामान्य लेकिन विदर्भ में कम होगी बारिश, मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जारी किया पूर्वानुमान


नागपुर: दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान विदर्भ में इस साल सामान्य से कम बारिश होने की भविष्यवाणी भारतीय मौसम विभाग ने की है। मंगलवार को मौसम विभाग ने मानसून को लेकर पूर्वानुमान जारी किया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग साफ किया है की मई महीने के बाद ही मानसून की असल स्थिति जानकारी मिलेगी।  

नई दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग और पृथ्वी मंत्रालय की ओर पत्र परिषद का आयोजन किया गया था। जिसमें भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। मौसम विभाग ने बताया कि इस वर्ष देश में जून से सितंबर तक के महीनों में 83.5 मिलीलीटर बारिश होगी. विभाग ने कहा कि इस वर्ष जून से लेकर सितंबर तक 96 फीसदी बारिश रिकॉर्ड किए जाने की संभावना है. ये सामान्य बारिश की कैटेगरी में आता है।

विदर्भ में होगी सामान्य से कम वर्षा 

हालांकि मौसम विभाग ने देश में सामान्य बारिश होने की भविष्यवाणी की है। लेकिन महाराष्ट्र, मध्य भारत ख़ास कर विदर्भ में मानसून वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान लगाया है। पूर्वी विदर्भ कुछ जिलों नागपुर, भंडारा, गोंदिया, जैसे जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है। वही पक्षिम विदर्भ में अकोला, बुलढाणा, अमरावती, वाशिम, यवतमाल जिलों में सामान्य से कम यानी 90-95 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है। इस बीच नागपुर प्रादेशिक मौसम केंद्र में उपमहानिदेशक एम एल साहू ने स्पष्ट किया की मई के आखिर में या फिर जून की शुरुआत मानसून को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। जिसके बाद ही मानसून की असल स्थिति जानकारी मिलेगी।  

मानसून में दिखेगा अल निनो का प्रभाव

इस साल अल निनो का प्रभाव भी देखने को मिलेगा, यानी सूखे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक अल निनो की स्थितियां मानसून के दौरान विकसित हो सकती हैं और मानसून के दूसरे चरण में इसका असर महसूस हो सकता है हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि बारिश कम होगी। बीते कुछ सालों में अल निनो के दौरान सामान्य और सामान्य से अधिक बारिश भी देखने को मिली है।