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Nagpur

संभाजीनगर हिंसा पर पहली बार बोले शरद पवार, कहा- इस पर ज्यादा बात करना उचित नहीं


नागपुर: रामनवमी के पूर्व संध्या पर संभाजीनगर और मुंबई में हुई हिंसा को लेकर राज्य की सियासत गरमाई हुई है। उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने इस हिंसा को सुनियोजित बताते हुए इसके लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार बताया। वहीं सुप्रिया सुले ने फडणवीस को गृहमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। वहीं अब पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, "वहां स्थिति अभी ठीक, इसपर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहिए।"

पवार शनिवार को दो दिन के नागपुर दौरे पर पहुंचे हैं। जहां पत्रकारों ने उनसे हिंसा को लेकर सवाल किया जहां उन्होंने जवाब देते हुए यह बात कही। पवार ने कहा, "हाल के दिनों में मुंबई के संभाजीनगर और मालवणी में कुछ घटनाएं हुई हैं. क्या इन दोनों जगहों में धार्मिक प्रकृति है? ऐसी  चिंता की स्थिति थी।"

उन्होंने कहा, "कुछ राजनीतिक लोगों ने इस पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। लेकिन, इस सब पर ज्यादा चर्चा करना उचित नहीं है। अब स्थिति हल हो गई है। साथ ही, यह एक धार्मिक प्रश्न है।" पवार ने राजनीतिक नेताओं को सलाह दी कि, "हम जैसे लोग जो सार्वजनिक जीवन में काम करते हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी स्थिति न बनी रहे।"

उद्धव गुट नेताओं द्वारा हिंसा के लिए फडणवीस को जिम्मेदार बताने पर भी पवार ने होनी बात कही। उन्होंने कहा, "“अक्सर एक दूसरे पर आरोप लगाने का अवसर मिलता है। हालांकि धार्मिक तनाव बढ़ने की संभावना है। इसलिए, राजनेताओं को सावधान रहना चाहिए।"