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सरकार ने परमबीर सिंह का निलंबन लिया वापस, DCM फडणवीस बोले- कैट के आदेश पर लिया निर्णय


नागपुर: शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) पर लगे सभी आरोपों को वापस ले लिया है। इसी के साथ सरकार ने सिंह का निलंबन भी रद्द करते हुए उनकी सेवा बहाल कर दी है। सरकार के इस फैसले पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने अपनी बात कही है। शुक्रवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, "सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के आदेश पर सरकार ने यह निर्णय लिया है।" 

फडणवीस ने कहा, "सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी कैट ने एक निर्णय दिया, जिसमें उन्होंने परमबीर सिंह के ऊपर चल रही विभागीय जांच को गलत बताया। इसी के साथ उनके निलंबन को भी गलत बताते हुए उन पर लगे सभी आरोपों को वापस लेने का आदेश दिया था। उस आदेश के तहत राज्य सरकार ने आज उनपर लगे सभी निर्णय को वापस ले लिया है। इसी के साथ उनकी सेवा भी बहाल कर दी है।" 

ज्ञात हो कि, मुंबई पुलिस आयुक्त रहते समय सिंह ने तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई के बार और रेस्टोरेंट मालिकों से हर महीने 100 करोड़ रूपये की वसूली का आरोप लगाया था। सिंह के इस आरोप पर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था। आरोपों के बाद देशमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं आरोप हवाला के आरोप के कारण देशमुख को एक साल तक जेल में रहना पड़ा था। 

देशमुख ने बोलने से किया इनकार 

परमबीर सिंह का निलंबन वापस लेने का निर्णय महाविकास अघाड़ी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं इस मामले पर अनिल देशमुख की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। हालांकि, देशमुख ने मामले पर बोलने से इनकार कर दिया। देशमुख ने कहा, “वह अभी इसपर कुछ नहीं बोलेंगे। पहले इसको लेकर पूरी जानकारी लूंगा इसके बाद अपनी बात कहूंगा।”