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Nagpur

आपली बस हड़ताल; मनपा झेल रही रोजाना 15 लाख रुपए का नुकसान


नागपुर: नागपुर में आपली बस सेवा की शुरू हड़ताल की वजह से न केवल यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बल्कि पहले से ही खराब आर्थिक हालातों से जूझ रही नागपुर महानगर पालिका की इस सेवा की हालात और खस्ता हो रही है. हड़ताल में फिलहाल दो यूनियन शामिल हैं, लेकिन आयुक्त द्वारा आयोजित की गई बैठक में न बुलाये जाने से आहत तीसरी यूनियन ने भी 10 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने की तयारी दिखाई है. अगर ऐसा हो जाता है तो बस सेवा पूरी तरह से ठप्प पड़ जायेगी। दूसरी ओर आयुक्त की अध्यक्षता  यूनियनो और ऑपरेटर कंपनियों के बीच बुलाई गई बैठक बे नतीजा रही. 

बीते 6 दिनों से नागपुर शहर में यात्रियों को अपनी सेवा देने वाली नागपुर महानगर पालिका की आपली बस सेवा की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. वजह ड्राइवर और कंडेक्टरो की शुरू हड़ताल है. इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ रहा है जो रिआयती दर में इस सेवा का लाभ लेते हैं. 

इस हड़ताल ने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है. शहरवासियों को होने वाली दिक्कतों के ही साथ रोजाना 15 लाख रुपए का नुकसान नागपुर महानगर पालिका झेल रही है. कर्मचारियों के यूनियनों की साफ मांग पगार में दर वृद्धि को लेकर है. लेकिन मनपा का कहना है की यह विषय उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर का है. बावजूद इसके सोमवार को मनपा आयुक्त अध्यक्षता में बस ऑपरेटरों और कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. जो बेनतीजा ही रही.

ये बातचीत बेनतीजा रही. हालांकि नागपुर महानगर पालिका आपली बस सेवा से जुडी अपनी जिम्मेदारी को फैसिलिटेटर यानी की सुविधाकर्ता के तौर पर प्रस्तुत कर रही है. मनपा के परिवहन विभाग के मुताबिक पगार में वृद्धि की मांग को उन्होंने राज्य सरकार तक पहुंचाने का काम कर दिया है.