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Nagpur

Apli Bus Strike: वेतन वृद्धि की लड़ाई अदालत की दहलीज पर आई, औद्योगिक न्यायालय ने संगठनों को जारी किये दिशा-निर्देश


नागपुर: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू आपली बस कर्मचारियों की हड़ताल अब औद्योगिक न्यायालय की दहलीज पर पहुंच गई है। परिवहन सेवा में ग्राहक सुविधायों की जिम्मेदारी संभालने वाली चलो एप द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हड़ताली संगठनों को नोटिस जारी किया हुआ। इसी के साथ किसी भी तरह के गैरकानूनी कृत्य नहीं करने की चेतवानी दी है। 

वेतन वृद्धि की मांग करते हुए गुरुवार को आपली बस के चालक और परिचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। वहीं हड़ताल के विरोध में आपली बस सेवा में ग्राहक सुविधायों की जिम्मेदारी संभालने वाली चलो एप लेबर कोर्ट पहुंच गई। एप ने याचिका दायर कर हड़ताल को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगाने की मांग की। याचिका पर सुनवाई करते हुए औद्योगिक न्यायालय ने हड़ताल में शामिल सघठनों को नोटिस जारी करते हुए कई दिशा निर्देश दिए। अदालत ने संगठनो को आदेश दिया कि, 

  • अगर कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहता तो कोई भी संगठन उन पर दवाब नहीं बनाएगा। 
  • हड़ताली बस के परिचालन में कोई बाधा नहीं डालेंगे। 
  • मांगे मनवाने के लिए हड़ताली आगजनी सहित सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान नहीं पहुचाएंगे। 
  • इसी के साथ कोई भी गैर क़ानूनी काम हड़ताली संगठनों द्वारा नहीं किया जाएगा। 
  • कानून के तहत सभी पक्ष मामले को सुलझाने में शामिल होंगे।

ज्ञात हो कि, मनपा द्वारा 120 रूटों पर 400 बसें संचालित की जाती हैं। इस बस से हर दिन करीब 1.43 लाख यात्री सफर करते हैं. चूँकि इनमें से लगभग 53 प्रतिशत स्कूल और कॉलेज के छात्र हैं, इसलिए छात्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।