logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

आदिवासी गोवारी समाज की भूख हड़ताल समाप्त, उपमुख्यमंत्री फडनवीस के दिए आश्वासन के बाद निर्णय


नागपुर: उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बैठक और मौजूदा अध्यादेश में संशोधन के आश्वासन के बाद आदिवासी गोवारी समाज ने बीते 17 दोनो से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। पूर्व राज्यमंत्री परिणय फूके ने हड़ताल पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर आंदोलन आंदोलन समाप्त कराया। हालांकि, इस दौरान समाज ने छह महीने के अंदर संशोधन करने का समय दिया। एसा नही करने पर फिर से सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।

ज्ञात हो कि, आदिवासी गोंड गोवारी समाज ने अनुसूचित जनजाति का लाभ पाने के लिए तीन युवकों ने अनशन शुरू किया है। 26 जनवरी से नागपुर के संविधान चौक पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इसी आंदोलन को देखते हुए 5 फरवरी को गोंड गोवारी प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोको आंदोलन किया था। संविधान चौक से लेकर झांसीरानी चौक तक यह आंदोलन किया गया। सड़क बंद होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इस आंदोलन से आम नागरिकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा था। 

हाईकोर्ट जज की अध्यक्ष्ता में कमिटी का गठन 

बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि राज्य में गोंड गोवारी समुदाय को पूर्वव्यापी रियायतें प्रदान करने के लिए 24 अप्रैल 1985 के सरकारी अध्यादेश में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। यह कमेटी 3 महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी। साथ ही गोंड गोवारी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति की सभी सुविधाएं देने का आश्वासन भी दिया गय।