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Nagpur

चॉकलेट का किस्सा सुना गडकरी ने बावनकुले की खूब ली फिरकी, कार्यकर्ता हुए लोटपोट


नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जहां अपने काम को लेकर लगातार चर्चा में बने रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके द्वारा दिए बयान भी अखबारों और टेलीविजन चैनलों की सुर्खियां बनती रहती हैं। केंद्रीय मंत्री बातों-बातों में कब क्या बोल जाए कोई सोच नहीं सकता। रविवार को ऐसा ही एक वाक्य हुआ जब उन्होंने बातों ही बातों में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की खूब फिरकी है। गडकरी की बातें सुन वहां मौजूद कार्यकर्ता लोटपोट हो गए। यही नहीं वहां मौजूद बावनकुले भी खुद को हंसने से रोक नहीं पाये।

दरअसल, रविवार को भारतीय जनता पार्टी नागपुर जिला की कार्यकर्ता बैठक थी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, नागपुर जिला के नवनियुक्त अध्यक्ष सुधाकर कोहले सहित तमाम विधायक और नेता मौजूद थे। इस दौरान सभी को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने अमूल कंपनी का किस्सा सुना प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले के विभिन्न अघाड़ी बनाने और कार्यकर्ताओं को पद देने को लेकर खूब खिंचाई की।

केंद्रीय मंत्री बोले, "बीते दिनों मेरे पास एक चॉकलेट कंपनी के अध्यक्ष आए थे। उस दौरान वह मेरे लिए दुनिया की सबसे अच्छी और बहुत सारी चॉकलेट लेकर आए। उसे देखकर मैंने कहा ये मेरे लिए बहुत उपयोगी है। उसने पूछा कैसे तो मैंने मैं इसे सभी में बांटूंगा। और जो जो खायेगा वह कहेगा क्या बेस्ट चॉकलेट है गडकरी साहब ने दिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "पार्टी में काम करने वालों को मौका मिलता है। लेकिन सभी को मौका मिलेगा तो क्या होगा। आज बावनकुले 100 नेता, 40 पदाधिकारी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, इस जाती का मोर्चा वो जाती का मोर्चा मतलब चॉकलेट बांटने का काम शुरू है। मैंने भी बांटें हैं। खूब मोर्चे बनाएं लेकिन हुआ उसका उल्टा। हम मूर्ति बनाने गए और बन गया गधा।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "अभी इनको परेशानी होने की है। जितने भी जातियों की मोर्चे बने हैं जैसे जैसे चुनाव नजदीक आएंगे सभी जातियों के मोर्चे वाले इनसे आकर मिलेंगे और कहेंगे हमारे 7 प्रतिशत, 12 प्रतिशत और पूछेंगे हमारा क्या? बावनकुले साहब हमें कितनी टिकट देंगे? यह कहते ही बैठक स्थल पर जोरदार ठहाके लगना शुरू हो गया।

गडकरी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा, "बावनकुले के सामने पहले परेशानी तीन-तीन पार्टी की। किसे कौनसी सीट मिलेगी पता नहीं, मिल भी गई देना किसे यही मुश्किल। वहीं अगर किसी को टिकट मिल गई तो बोलेगा मुझे फ्री में थोड़ी दिया। मेरी जाती के 12 प्रतिशत हैं इसलिए बावनकुले ने टिकट दिया। वहीं नहीं दिया तो बोलते फिरेंगे की उन्होंने मेरा टिकट काट दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जब तक आग लगती (बिताती) नहीं है तब तक समझता नहीं है। ये नए हैं। तजा-तजा आएं हैं। अभी तक इन्हे आग लगी नहीं है।" गडकरी के यह कहते ही हॉल में लग रहे ठहाकों की आवाज और तेज हो गई। वहीं बैठक में मौजूद बावनकुले भी हंसी रोक नहीं पाए और जोर-जोर से हंसने लगे।