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Nagpur

Ambazari Lake Case: विवेकानंद स्मारक का होगा स्थानांतरण! HC ने हाई पवार कमेटी को निर्णय लेने के लिए अधिकृत


नागपुर: अंबाझरी तालाब मामले (Ambazari Lake Case) पर सुनवाई करते हुए विवेकानंद स्मारक (Vivekananda Memorial) को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ (Bombay High Court Nagpur Bench) ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने नागपुर महानगर पालिका (Nagpur Municipal Corporation) को स्मारक को स्थानांतरित करने और उसके लिए पर्यायी जगह ढूढ़ने का आदेश दिया है। इसी के साथ अदालत ने अंबाझरी तालाब के मजबूती को लेकर गठित हाई पावर समिति को 12 जून तक अपनी रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। 

ज्ञात हो कि, 25 सितंबर 2023 की रात को शहर में जोरदार बारिश हुई थी। करीब कुछ घंटो में 117 से ज्यादा मिमी बारिश नागपुर शहर में हुई थी। इस मूसलाधार बारिश के कारण नाग नदी में बाढ़ आ गई थी। जिसके कारण उसके किनारे में बेस रहवासी क्षेत्रों और व्यापारिक क्षेत्रों में पानी घुस गया था। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसने के कारण बड़ा नुकसान हुआ था। दैनिक जीवन में इस्तेमाल करने वाली चीजों सहित दुकानों में रखा सामान पानी में डूबकर ख़राब हो गया था। इस दौरान बड़ा नुकसान हुआ था। जाँच में बाढ़ का मुख्य कारण नदी पर किया अतिक्रमण पाया गया। इसी के साथ नदी के आजु-बाजू कॉन्क्रीट का निर्माण भी प्रमुख कारण रहा। 

नाग नदी से जुड़े महीने में आई बाढ़ और उससे हुए नुकसान को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। पिछली सुनवाई पर अदालत ने विवेकांनद स्मारक को लेकर मनपा को जमकर लताड़ा लगाई थी। यही नहीं अदालत ने यह भी सवाल किया था आखिर ओवर फ्लो पॉइंट पर निर्माण करने की इजाजत किसने दी थी। 

प्रतिबंधित क्षेत्र में बना ओवर फ्लो पॉइंट

बुधवार को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में अंबाझरी तालाब मामले में सुनवाई हुई। इस सुनवाई में पिछली सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा दिए गए निर्णय का पालन करते हुए मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी,जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर अदालत में उपस्थित रहे जबकि विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी और महाधिवक्ता ऑनलाईन उपस्थित हुए। करीब घंटे भर चली सुनवाई में अदालत ने कई अहम निर्देश दिया।इस मामले में मध्यस्थता याचिका डालने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत कुमार सत्यनाथन ने बताया की यह मान लिया गया है की ओवर फ्लो पॉइंट पर जो स्मारक बना है वह प्रतिबंधित क्षेत्र में है।

10 जून को मामले पार अगली सुनवाई

पिछली सुनवाई के बाद अदालत के आदेश पर जो जवाब दाखिल किया गया है उसमें यह माना गया है की स्मारक को लेकर जो पूर्व जानकारी अदालत में जमा कराई गई वह गलत थी। अदालत ने महानगर पालिका को यह निर्देश भी दिए है की बांधो के संरक्षण को लेकर वर्ष 2018 का जो नियम है और वेट लैंड नियम के तहत राज्य सरकार द्वारा बनाई गई हाई लेवल कमेटी स्मारक के संबंध में अपना निर्णय ले। इसके अलावा तालाब से पानी के सुचारु बहाव में दिक्कत बनने वाले व्यवधानों को हटाए जाने को लेकर क्या किया जाने वाला है इसकी भी जानकारी अगली सुनवाई तक दिए जाने का निर्देश अदालत ने दिया है। इस काम के लिए सेंट्रल वॉटर एंड पवार रिसर्च स्टेशन पुणे की मदत नागपुर महानगर पालिका ले रही है। मामले की अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद 10 जून को होगी। 

ओवरफ्लो ब्रिज तोड़ने का काम शुरू 

नाग नदी  में आई बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान ओवरफ्लो पॉइंट के बाद के क्षेत्रों में हुआ था। नदी का पानी सडको में बहने के कारण वहां काफी नुकसान हुआ था। ब्रिज  की ऊंचाई कम होने के कारण बाढ़ का पानी सड़क पर आ गया था। इसके पश्च्यात मनपा ने मौजूदा ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में बुधवार को ब्रिज तोड़ने का काम शुरू हो गया है। पोकलैंड के माध्यम से ब्रिज को तोडा जा रहा है।