logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

33 दिनों बाद फिर शुरू हुआ अंबाझरी एनआईटी, बाढ़ से कीचड़ हो गया था जमा


नागपुर: सितंबर महीने में आई बाढ़ के कारण अंबाझरी परिसर में काफी नुकसान हुआ था। इस दौरान एनआईटी द्वारा संचालित स्विमिंग पुल को भी बड़ा नुकसान हुआ था। टैंक पूरी तरह कीचड़ भर गया था, जिसके कारण यह बंद हो गया था। वहीं 33 दिनों के बाद बुधवार को यह दोबारा शुरू हो गया है। 

अंबाझरी झील के बाढ़ के पानी के कारण यह स्विमिंग पूल 23 सितंबर की सुबह बंद कर दिया गया था। बाढ़ के दिन यहां स्विमिंग पूल के ऊपर चार से पांच फीट पानी था. इसलिए जब पानी कम हुआ तो स्विमिंग पूल में डेढ़ से दो फीट तक मिट्टी और पत्थर जमा हो गए.

इसके साथ ही जल शोधन व अन्य सभी मशीनें खराब होने से प्रोजेक्ट को करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ. इस स्वीमिंग पूल की हालत देखकर लगता है कि यह कब शुरू होगा? यह सवाल नागरिक पूछ रहे थे. आखिरकार रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संभालने वाले हनुमान स्पॉट्स अकादमी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात पूरी क्षमता से मरम्मत का काम किया।