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Nagpur

ईंधन संकट के बीच बोले सीएम फडणवीस- 'राज्य में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, लोग अफवाहों से बचें और जमाखोरी न करें'


मुंबई: वैश्विक स्तर पर गहराते ईंधन संकट (Fuel Crisis) के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन (पुरवठा साखळी) बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते दुनिया के कई देशों में 'ईंधन आपातकाल' जैसे हालात बन गए हैं और कुछ देशों में तो दो-दो दिन का लॉकडाउन तक लगाना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इतनी गंभीर वैश्विक स्थिति के बावजूद महाराष्ट्र सरकार राज्य में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुचारू (सुरळीत) बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

घबराहट में अचानक 20% बढ़ी मांग
मुंबई के जवाहर बालभवन की नवनिर्मित इमारत के लोकार्पण समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा ,"भविष्य में पेट्रोल-डीजल मिलेगा या नहीं, इस डर की वजह से जनता में घबराहट है। इस कारण अचानक ईंधन की मांग में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदकर जमाखोरी (साठेबाजी) न करें, क्योंकि इससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव आ रहा है। राज्य के पास पिछले साल जितना ही कोटा उपलब्ध है।

किसानों के नाम पर कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र और कानून-व्यवस्था को लेकर भी जिला प्रशासनों को कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, "इस सीजन में किसान आमतौर पर कंटेनरों (डब्बों) में डीजल की मांग करते हैं, जिसे हम पूरा भी करते हैं। लेकिन किसानों के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति इसकी जमाखोरी या कालाबाजारी न करे, इसके लिए जिला प्रशासन को पैनी नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।"

उपद्रवियों से सख्ती से निपटेगी पुलिस
ईंधन की किल्लत की अफवाहों के चलते कुछ पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) को स्थिति पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कुछ गांवों में ईंधन को लेकर हिंसक प्रवृत्ति दिखाई दी है, वहां पुलिस को उपद्रवियों और हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।