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Nagpur

भंडेवाडी जैविक कचरा मामला: मनपा ने संबंधित अस्पतालों को भेजा नोटिस


नागपुर: भंडेवाडी डम्पिंग यार्ड में अस्पतालों से निकलने वाले जैविक कचरे को फेंकने मामले में नागपुर महानगर पालिका ने बड़ा कदम उठाया है। मनपा ने गुरुवार को उन तमाम अस्पतालों को नोटिस जारी किया हैं, जिन्होंने सामन्य कचरे की थैली में बायो वेस्ट को डालकर फेंका था। यह नोटिस महानगर पालिका के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग द्वारा जारी किया गया है।

ज्ञात हो कि, बुधवार को भंडेवाडी डम्पिंग यार्ड में जैविक कचरा फेंकने का मामला सामने आया था। इस मामले की शिकायत मनपा और महाराष्ट्र प्रदूषण महाराष्ट्र प्रदूषण नियामक मंडल तुरंत मौके पर पहुंचा और पंचनामा कर मामले की जांच शुरू की। इस दौरान कचरा लाने वाले गाड़ी के ड्राइवर का बयान दर्ज किया गया। जिसमे उसने विविध अस्पतालों द्वारा यह कचरा लाने की बात बताई।

जांच के दौरान टीम को कचरे में कई अस्पतालों के जैविक कचरा सहित दस्तावेज भी मिले। इन्हीं के आधार पर आज मनपा ने सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। यह पहला मामला नहीं है जब अस्पतालों से निकलने वाला घातक कचरा सामान्य कचरे की तरह डम्पिंग यार्ड में पहुंचा है। इसके पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

पैसे बचने के लिए आम कचरे में फेंका बायो वेस्ट!

जैविक कचरा घातक होता है इसलिए अस्पतालों से निकलने वाले कचरे को वर्गीकृत किया गया है। अलग-अलग रंग की थैलियों में अस्पतालों से विभिन्न तरह का कचरा निकाला जाता है। काले रंग की थैली में सामान्य कचरा, लाल रंग की थैली में घातक कचरा और पीले रंग की थैली में कम खतरनाक कचरा इस तरह का कचरे का वर्गीकरण किया गया है। घातक कचरे के कलेक्शन और उसे नष्ट किये जाने की प्रक्रिया के लिए अस्पतालों को महानगर पालिका को चार्ज देना होता है। बुधवार को भांडेवाड़ी में जो खतरनाक कचरा मिला है वो काली थैली में था यानि स्पस्ट है की अस्पतालों ने बायोमेडिकल वेस्ट का चार्ज बचाने के लिए ऐसा किया होगा।