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Nagpur

भांडेवाडी निवासियों को मिलेगी दुर्गन्ध से मुक्ति, फर्मेंटेशन टेक्नॉलॉजी पर आधारित घनकचरा प्रक्रिया प्रकल्प का उद्घाटन


नागपुर: शहर के भांडेवाडी निवासियों और उसके आस-आस के परिसर में रहने वाले लोगों को दुर्गन्ध से जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। सोमवार को  फर्मेंटेशन टेक्नॉलॉजी पर आधारित घनकचरा प्रक्रिया प्रकल्प का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। नीदरलैंड आधारित टेक्नोलॉजी से कचरे को नष्ट किया जाएगा। इस प्रोजक्ट के पूरा होने के बाद एक तरफ जहां नागरिकों को दुर्गन्ध से मुक्ति मिलेगी और प्रदुषण कम होगा। वहीं इससे हर साल नागपुर महानगर पालिका को 60 लाख महीने की आमदनी होगी। 

विधायक कृष्णा खोपड़े, टेकचंद सावरकर, मनपा आयुक्त एवं प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी, नीदरलैंड के महावाणिज्यदूत बार्ट डी जोंग, मनपा अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सुनील लहने, मुख्य अभियंता राजीव गायकवाड़, अधीक्षण अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी बिडगांव रोड भांडेवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में सस्टेनेबल बिजनेस डेवलपमेंट (SusBDe) कंपनी के संस्थापक बर्ट जेगेल, CEO जाप वाइनमबोस, निदेशक केदार वाजे,  SusBD की कार्यकारी निदेशक वृंदा ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रदूषण से पूर्व नागपुर को मिलेगी मुक्ति 

नागपुर से रोजाना सैकड़ो टन कचरा निकलता है, जिसे भांडेवाडी में स्थित डम्पिंग यार्ड में जमा किया जाया है। इस डम्पिंग यार्ड पर हजारो टन कचरा पड़ा हुआ है। नियमित कचरे की प्रक्रिया नहीं होने के कारण यह यहाँ सालों तक सड़ता रहता है। एक तरफ जहां इस कचरे से निकलने वाली दुर्गन्ध यहाँ रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, वहीं शहर की आबोहवा भी प्रदूषित होती है। वहीं इस प्रोजक्ट के पूरा हो जाने से पूर्व नागपुर सहित भांडेवाड़ी परिसर के लोगों को प्रदुषण से मुक्ति मिलेगी।

15 लाख महीना मनपा को आय

इस प्रोजेक्ट के तहत एक हजार टन कचरे का प्रबंधन करके बायोगैस, खाद जैसे उत्पादक तैयार किये जायेंगे। और इसे बेचने का अधिकार सस्टेनेबल बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी को दिया गया है. हलाकि उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय से मनपा को प्रति वर्ष 15 लाख रुपये प्राप्त होंगे।  वही इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने की समय सीमा निर्धारित की गयी है। 

'अपशिष्ट से धन' और 'ज्ञान से धन'

इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण परियोजना 'अपशिष्ट से धन' और 'ज्ञान से धन' दोनों सिद्धांतों के अनुकूल है। यह परियोजना नागपुर का विकास करेगी और देश के सामने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का एक अच्छा उदाहरण पेश करेगी। ठोस कचरे को अलग करके इसका उपयोग प्लास्टिक से उर्वरक, सीएनजी गैस, एलएनजी गैस, ईंधन बनाने में किया जा सकता है। इसलिए प्रदूषण से राहत के लिए यह प्रोजेक्ट अहम होगा. इस परियोजना से मनपा को भारी बचत होगी और हर साल वित्तीय आय होगी। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने परियोजना से निकलने वाली सीएनजी का उपयोग नगर निगम की बसों में करने का सुझाव दिया।

परियोजना सर्कुलर इकोनॉमी का बनेगी उदहारण

उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि प्रदूषण के कारण पर्यावरण में बदलाव देखा जा रहा है। इस प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी परियोजनाओं की आवश्यकता है। इस प्रोजेक्ट में नीदरलैंड जैसे मशहूर देश की नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक और अभिनव परियोजना के माध्यम से, पिछले वर्षों की कमी को पूरा किया जाएगा और यह परियोजना नागपुर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर एक टिकाऊ शहर के रूप में फिर से उभराएगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि कचरे से प्रदूषण मुक्त संपदा बनाने वाली यह परियोजना सर्कुलर इकोनॉमी का एक अच्छा उदाहरण बनेगी और शहर को प्रदूषण मुक्त बनाकर देश के विकास में बड़ा योगदान देगी।

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