logo_banner
Breaking
  • ⁕ Amravati: समृद्धि महामार्ग पर भीषण सड़क हादसा: चंद्रपुर के एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ लाडली बहन योजना में बड़ा खेल! 12 हजार सरकारी कर्मचारियों ने बटोरे पैसे; विधानसभा में सरकार ने कबूली चौंकाने वाली बात ⁕
  • ⁕ Nagpur: बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंट्स पर चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट की फटकार के बाद फडणवीस सरकार ने खारिज की अपील ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

नौ के बाद खुलेगी प्राइमरी से कक्षा चौथी तक की स्कुल, राज्य सरकार ने आदेश किया जारी


नागपुर: बच्चों की अच्छी नींद हो इसको देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। जिसके तहत राज्य के प्राइमरी से लेकर कक्ष चार तक की स्कुल अब सुबह सात बजे के बदले नौ या उसके बाद लगेगी। इसको लेकर गुरुवार को अधिसूचना भी जारी कर दी है। 

ज्ञात हो कि, बीते वर्ष राज्यपाल बैस ने 'मुख्यमंत्री माझी शाला, सुंदर शाला' अभियान की शुरुआत के मौके पर इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी. उन्होंने कहा था की बदलती जीवनशैली के कारण हर किसी के सोने का समय बदल गया है और सभी में देर रात तक सोने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। इसमें बच्चे भी शामिल है। राज्यपाल ने कहा था कि देर रात सोने की आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो गई है। इसलिए उन्होंने कहा कि हमें स्कूल का सुबह का समय बदलने के बारे में सोचना चाहिए।

शीतकालीन सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने की थी घोषणा 

राज्यपाल के इस सुझाव पर राज्य शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। इसको लेकर राज्य सरकार की तरफ से मनोवैज्ञानिकों और बाल रोग विशेषज्ञों की समिति बनाई थी। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद नागपुर अधिवेशन यानी राज्य के शीतकालीन सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू करने का ऐलान किया था। 

देखें वीडियो: