logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

नौ के बाद खुलेगी प्राइमरी से कक्षा चौथी तक की स्कुल, राज्य सरकार ने आदेश किया जारी


नागपुर: बच्चों की अच्छी नींद हो इसको देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। जिसके तहत राज्य के प्राइमरी से लेकर कक्ष चार तक की स्कुल अब सुबह सात बजे के बदले नौ या उसके बाद लगेगी। इसको लेकर गुरुवार को अधिसूचना भी जारी कर दी है। 

ज्ञात हो कि, बीते वर्ष राज्यपाल बैस ने 'मुख्यमंत्री माझी शाला, सुंदर शाला' अभियान की शुरुआत के मौके पर इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी. उन्होंने कहा था की बदलती जीवनशैली के कारण हर किसी के सोने का समय बदल गया है और सभी में देर रात तक सोने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। इसमें बच्चे भी शामिल है। राज्यपाल ने कहा था कि देर रात सोने की आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो गई है। इसलिए उन्होंने कहा कि हमें स्कूल का सुबह का समय बदलने के बारे में सोचना चाहिए।

शीतकालीन सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने की थी घोषणा 

राज्यपाल के इस सुझाव पर राज्य शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। इसको लेकर राज्य सरकार की तरफ से मनोवैज्ञानिकों और बाल रोग विशेषज्ञों की समिति बनाई थी। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद नागपुर अधिवेशन यानी राज्य के शीतकालीन सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू करने का ऐलान किया था। 

देखें वीडियो: