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Nagpur

अज्ञात वाहन के टक्कर में गाय गंभीर घायल.... जन प्रतिनिधि फ़ोन करते रहे, नहीं आई मनपा की मदद; पांच घंटे तक तड़पती रही बेजुबान


नागपुर: सड़क पर एक बेजुबान गाय दर्द से कराहती रही... उसकी हर सांस मदद की गुहार लगाती रही... आसपास खड़े लोग उसे बचाने की हर संभव कोशिश करते रहे, लेकिन जिम्मेदार व्यवस्था मानो संवेदनहीन हो चुकी थी। यह दर्दनाक तस्वीर उपराजधानी नागपुर के मानेवाड़ा परिसर के बालाजी नगर इलाके की है, जहां अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई गाय को समय पर इलाज नहीं मिल सका। स्थानीय नागरिकों सहित सत्ता पक्ष के नेता लगातार नागपुर महानगर पालिका के पशुपालन विभाग और अधिकारीयों को को बार-बार फोन किए, लेकिन पशु एम्बुलेंस करीब आठ घंटे बाद पहुंची। तब तक बेजुबान गाय सड़क पर तड़पती रही।

मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण नागपुर के बालाजी नगर में बीती रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रही एक गाय को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गाय गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गई, जबकि वाहन चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत धंतोली जोन की सभापति भारती बूँदें को सूचना दी। सभापति अपने पति विकास बूँदे के साथ मौके पर पहुंचीं और महानगरपालिका की एंबुलेंस सेवा को लगातार फोन कर मदद मांगी। आरोप है कि करीब पांच घंटे तक फोन करने के बावजूद कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।

रातभर बारिश के बीच घायल गाय सड़क पर दर्द से तड़पती रही। स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए गाय को बारिश से बचाने के लिए उसके ऊपर कपड़ा डाल दिया, लेकिन जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोया रहा। शुक्रवार दोपहर सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद महानगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल गाय को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

सवाल यह है कि जब एक जनप्रतिनिधि की लगातार गुहार के बावजूद आठ घंटे तक मदद नहीं पहुंचती, तो आम नागरिकों की शिकायतों का क्या हाल होता होगा? फिलहाल इस घटना ने महानगरपालिका की कार्यप्रणाली और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।