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चर्चाओं पर लगा विराम, भाजपा की टिकट पर अमरावती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी नवनीत राणा!


नागपुर: अमरावती लोकसभा सीट को लेकर चर्चा और कयासों का दौर जारी है। भाजपा यहाँ से मौजूदा सांसद नवनीत राणा को कमल चिन्ह पर उतरगी या गठबंधन साथी के तौर पर समर्थन करेगी। इन्हीं चर्चाओं के बीच बडनेरा विधायक रवि राणा ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में तय हो गया है कि, सांसद राणा भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। 

लोकसभा चुनाव का महासंग्राम शुरू हो चुका है. सबकी निगाहें इस पर हैं कि महाराष्ट्र में भाजपा कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अपनी सहयोगियों के लिए कितनी सीट छोड़ेगी। इसी तरह अमरावती लोकसभा सीट को लेकर भी चर्चा और कयासों का दौर जारी है। आगामी चुनाव में भाजपा यहाँ से नवनीत राणा को कमल चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतारेगी या राणा दमप्ति अपनी पार्टी के सिम्बल पर चुनाव लड़ेंगी।

इन्हीं चर्चाओं के बीच गुरुवार रात को विधायक रवि राणा और उपमुख्यमतंरी देवेंद्र फडणवीस के बीच मुलाकात हुई। फडणवीस के बुलावे पर राणा नागपुर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री निवास पर हुई यह मुलाकात करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान दोनों नेताओं की नवनीत राणा को लेकर बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, फडणवीस ने राणा दम्पति को केंद्रीय आलाकमान का फैसला सुना दिया है। सूत्रों के अनुसार, नवनीत राणा को भाजपा अपना उम्मदीवार बनाकर आगामी लोकसभा चुनाव में उतारेगी।

90 प्रतिशत लगभग सब हुआ तय 

वहीं उपमुख्यमंत्री फडणवीस के साथ हुई बैठक पर बोलते हुए राणा ने कहा कि, हमारे बीच बेहद सकारात्मक बैठक हुई है। 90 प्रतिशत सब तय हो गया है। कुछ को बाकी है वह चल रहा है। आने वाले  दिनों में जल्द ही बड़ा निर्णय सभी के सामने आएगा। उन्होंने आगे कहा, "मोदी, शाह और फड़णवीस के फैसले पर युवा स्वाभिमान पार्टी सकारात्मक फैसला लेगी। युवा स्वाभिमान पार्टी पिछले बारह वर्षों से भाजपा गठबंधन के साथ है।" इसी के साथ विधायक राणा ने यह भी कहा कि, "मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा हूं।"

माता-पिता का निर्णय स्वीकार्य

रवि राणा और उपमुख्यमंत्री फडणवीस के बीच हुई बैठक को पर बोलते हुए सांसद नवनीत राणा ने कहा, कल की चर्चा में मै शामिल नहीं थी। हालांकि, मुझे एक बात पता है देवेंद्र फडणवीस मेरा साथ छोड़ेंगे। वहीं भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने एक सवाल पर राणा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, देवेंद्र फड़णवीस और रवि राणा तय करेंगे कि मैं कमल पर लड़ूंगा या नहीं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि, वह जो भी निर्णय लेंगे उसे हम मानेंगे।

अब क्या करेंगे आनंदराव अडसुल 

अमरावती लोकसभा सीट महायुति में शिवसेना के कोटे की है। 2019 तक यहाँ से शिवसेना के टिकट पर आनंदराव अडसुल चुनाव लड़ते आएं हैं। हालांकि, पिछले चुनाव में उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार नवनीत राणा ने हरा दिया था। उस समय राणा को कांग्रेस और एनसीपी ने अपना समर्थन दिया था। हालांकि, 2024 आते-आते परिस्थिति पूरी तरह बदल गई है। मौजूदा समय में शिवसेना और राणा दोनों एनडीए के सदस्य है। वहीं दोनों नेता यहाँ से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। अडसुल ने यहां तक कह दिया था कि, किसी भी कीमत पर वह यह सीट नहीं छोड़ेंगे। भले राणा भाजपा में ही शामिल क्यों न हो जाए इसी के साथ यह भी कहा था कि, राजनीति पड़ेगा लेकिन वह नवनीत राणा का प्रचार नहीं करेंगे। हालांकि, अब लगभग राणा के ही उम्मदीवार होंगी। अब देखना होगा होगा कि, अडसुल क्या निर्णय लेते हैं।