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Nagpur

नए साल के पहले दिन नागपुर में जिला नियोजन समिति की बैठक, 1431 करोड़ रूपए के विकास कार्यों को मिली मंजूरी


नागपुर: नए साल के पहले दिन नागपुर की शुरुआत आगामी वर्ष के लिए विकास के नियोजन के साथ हुई.. उपमुख्यमंत्री और जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में है. वित्तीय वर्ष 2023- 24 के खर्च के आंकलन के साथ आगामी वर्ष 2024-25 के लिए नियोजन हुआ. 2024 चुनावी वर्ष है इसलिए विकास कामों के लिए निधि का प्रावधान भी बढ़ा है. जिला नियोजन समिति ने 1431 करोड़ रूपए की विकास निधि के विकास कामों को मंजूरी प्रदान की है. बैठक के अंत में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट द्वारा नागपुर के विकास के लिए डिस्ट्रिक स्ट्रैटजिक प्लान का भी प्रेजेंटेशन किया गया. इस बैठक में नागपुर जिला परिषद चर्चा में रही. 

उपमुख्यमंत्री और नागपुर जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई जिला नियोजन समिति की बैठक में नागपुर जिले की विकास निधि को मेगा तरीके से बढ़ा दिया गया है. वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए विकास 852 करोड़ रूपए मार्च तक खर्च किये जाने की मान्यता भी इस बैठक में दी है  आगामी वर्ष 24-25 के लिए नियोजन के लिए समिति के पास 2100 करोड़ रूपए के कामो के प्रस्ताव आये थे लेकिन सरकार द्वारा दी गयी मर्यादा के तहत 1431 करोड़ रूपए के आर्थिक नियोजन को मान्यता दी गयी है. उपमुख्यमंत्री ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के खर्च के आंकलन पर समाधान व्यक्त किया है.

जिला नियोजन समिति की बैठक में निधि के हुए नियोजन से यह साफ होता है की चुनावी वर्ष में सरकार नागपुर जिले में विकास के लिए जमकर निधि खर्च करेगी। जो नियोजन हुए है उससे सत्ताधारी दल के विधायकों ने ख़ुशी और समाधान व्यक्त किया है. रामटेक से विधायक आशीष जैस्वाल के मुताबिक निधि के जो प्रावधान किये गए है उसमे ग्रामीण भाग को ऐतिहासिक विकास निधि मिलेगी।


इसी बैठक में नागपुर के विकास के लिए डिस्ट्रिक्ट स्ट्रैटेजिक प्लान का भी प्रेजेंटेशन दिया गया. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया की राज्य सरकार ने हर जिले के लिए इस तरह का प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है. नागपुर जिले के लिए  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट ने यह प्लान तैयार किया है. इस प्लान में नागपुर शहर के विकास को रेखांकित करते हुए इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए किस सेक्टर में अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए इसका भी सुझाव दिया गया है. जिस रिपोर्ट का प्रेजेंटेशन हुआ है उसके मुताबिक अगर ठीक ढंग से काम हो तो राज्य सरकार के 1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने के लक्ष्य के पूरा होने पर नागपुर की हिस्सेदारी पांच %की रहेगी। फडणवीस ने  प्रेजेंटेशन पर ये कहा.

जिला नियोजन समिति की हुई बैठक में जिला परिषद चर्चा में रही।  बैठक में एक वक्त तो ऐसा आया जब उपमुख्यमंत्री को सरकार की ताकत का अहसास जिला परिषद अध्यक्षा को करवाना पड़ा. विषय ग्रामीण भाग में सड़क निर्माण को लेकर निधि के आवंटन का था. जो प्रस्ताव डीपीडीसी में जिला परिषद मान्यता के साथ आने थे। जिला परिषद अध्यक्षा की दलील थी की यह निर्णय सभागृह ने सर्वसम्मति से लिया था. इस पर फडणवीस ने कहा की जिस पैसे का नियोजन होना है वह ग्रामीण भाग में होगा। उस पर अड़ंगा डालना सही नहीं है.

सरकार के अधिकार है वो यह काम दूसरे तरीके से कर सकती है. उपमुख्यमंत्री की इस टिपण्णी के बाद जिला परिषद अध्यक्षा ने हामी दी की वो प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर जल्द भेजेंगी।  बैठक में ग्रामीण भाग में ख़राब हुए रास्तो के दुरुस्ती का भी विषय निकला,जिला परिषद अध्यक्षा ने इसके लिए 150 करोड़ रूपए की निधि दिए जाने की मांग सामने रखी .जिसका अनिल देशमुख ने भी समर्थन किया।