logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

सांसद हेमंत पाटिल के खिलाफ डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, नारेबाजी करते हुए माफ़ी मांगने की मांग


नागपुर: सांसद हेमंत पाटिल द्वारा नांदेड़ में डीन द्वारा शौचालय साफ़ कराने को लेकर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य भर में डॉक्टरों ने सांसद के खिलाफ प्रदर्शन किया। नागपुर में मेयो और मेडिकल के रेजिडेंट डॉक्टर, स्नातक छात्र, नर्स संघ ने आंदोलन किया। इस दौरान सभी ने सांसद से माफ़ी मांगने की मांग की। वहीँ ऐसा नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। 

नागपुर में इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (मेयो) और सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (मेडिकल) के रेजिडेंट डॉक्टर पहले अपने संस्थानों के कार्यालय परिसर में इकट्ठे हुए और सांसदों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सांसद को अधिकारियों से माफी नहीं मांगने पर भविष्य में हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गयी।

सरकारी अस्पतालों में दवा व अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए सरकार जिम्मेदार है. कर्मचारियों के आवश्यक पद भी नहीं भरे गये। ऐसे में मरीज की देखभाल छोड़कर डॉक्टर या अन्य अधिकारी साफ-सफाई समेत अन्य काम कैसे करें? ऐसा सवाल प्रदर्शनकारियों ने पूछा।