logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

डीआरएम तुषार कांत पांडे की नागपुर मंडल से छुट्टी, ऑपरेटिंग कंट्रोल रूम बंद होने पर गिरी गाज


नागपुर: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद पर कार्यरत तुषार कांत पांडे को उनके पद से हटा दिया गया है. 5 जनवरी को मध्य रेलवे के एक अधिकारी की मौत और अन्य कमर्चारियों के हंगामे के बाद रेलवे का कंट्रोल रूम करीब 2.30 बंद था. ऐसे में ट्रेनों के पहिये ठप्प होने के बाद तुषार कांत पण्डे गाज गिरने की चर्चा है। इस संदर्भ में आदेश जारी किया गया जिससे पूरे देश में रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में तुषार कांत पांडे को डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद से हटा दिया गया है. सोमवार देर रात को इस सदर्भ में आदेश जारी कर यह सुचना दी गयी है. उनके स्थान पर मनीष अग्रवाल को DRM पद पर नियुक किया गया. जो वर्तमान में दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र के गुंतकल डिवीजन में डीआरएम के रूप में कार्यरत हैं। वही को तुषार पांडे को संभलपुर मंडल में डीआरएम के पद पर तैनात किया गया है. हलाकि रेलवे के इस कदम को लेकर कई चर्चाओं को भी बल मिला है। हलाकि उन्हें पदमुक्त करने पीछे कई दलीले है लेकिन सबसे अधिक चर्चा इसके टाइमिंग को लेकर है.

दरअसल, ५ जनवरी को रेलवे अस्पताल में  मध्य रेलवे के कंट्रोल रूम में कार्यरत अधिकारी सुनील नितनवरे को कलाई के ऑपरेशन के लिए मध्य रेलवे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस बीच इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जिसके बाद उनके सहकर्मी और परिजनो ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत का आरोप लगा कर कंट्रोल रूम में जमकर हंगामा किया. और काम बंद आंदोलन पर बैठ गए। जिससे पूरे कंट्रोल रूम का काम लगभग ढाई घण्टे से ठप्प हो गया.

आलम यह हुआ की इटारसी, बडनेरा, राजनांदगाँव, बल्लारशाह से नागपुर आने वाली सभी ट्रेनें अपने स्थान पर रुकी है. इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की भी कई अधिकांश ट्रेनें नागपुर के सीमावर्ती भागो पर रुकी रही. गौर करने वाली बता यह है की एक डीआरएम का कार्यकाल आम तौर पर दो साल का तय होता है और इसे एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे में अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने से पहले ही पांडे को स्थानांतरित करना बोर्ड की ओर से सख्ती का संकेत है। ऐसा कहा जा रहा है कि कंट्रोलर की मौत से पैदा हुई अशांति को डिवीजन बॉस ने ठीक से नहीं संभाला और इसलिए डीआरएम को हटाकर कम संवेदनशील स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

देखें वीडियो: