logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुणे के नसरापुर में बच्ची के शोषण और हत्या के मामले में आरोपी को सुनाई गई फांसी की सजा ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: बालबेड़ा जंगल में माओवादियों की हथियार बनाने का कारखाना तबाह, गढ़चिरोली पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन ⁕
  • ⁕ विश्वास नांगरे पाटिल ने संभाला कार्यभार, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को बताया पहली प्राथमिकता ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

डीआरएम तुषार कांत पांडे की नागपुर मंडल से छुट्टी, ऑपरेटिंग कंट्रोल रूम बंद होने पर गिरी गाज


नागपुर: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद पर कार्यरत तुषार कांत पांडे को उनके पद से हटा दिया गया है. 5 जनवरी को मध्य रेलवे के एक अधिकारी की मौत और अन्य कमर्चारियों के हंगामे के बाद रेलवे का कंट्रोल रूम करीब 2.30 बंद था. ऐसे में ट्रेनों के पहिये ठप्प होने के बाद तुषार कांत पण्डे गाज गिरने की चर्चा है। इस संदर्भ में आदेश जारी किया गया जिससे पूरे देश में रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में तुषार कांत पांडे को डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद से हटा दिया गया है. सोमवार देर रात को इस सदर्भ में आदेश जारी कर यह सुचना दी गयी है. उनके स्थान पर मनीष अग्रवाल को DRM पद पर नियुक किया गया. जो वर्तमान में दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र के गुंतकल डिवीजन में डीआरएम के रूप में कार्यरत हैं। वही को तुषार पांडे को संभलपुर मंडल में डीआरएम के पद पर तैनात किया गया है. हलाकि रेलवे के इस कदम को लेकर कई चर्चाओं को भी बल मिला है। हलाकि उन्हें पदमुक्त करने पीछे कई दलीले है लेकिन सबसे अधिक चर्चा इसके टाइमिंग को लेकर है.

दरअसल, ५ जनवरी को रेलवे अस्पताल में  मध्य रेलवे के कंट्रोल रूम में कार्यरत अधिकारी सुनील नितनवरे को कलाई के ऑपरेशन के लिए मध्य रेलवे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस बीच इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जिसके बाद उनके सहकर्मी और परिजनो ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत का आरोप लगा कर कंट्रोल रूम में जमकर हंगामा किया. और काम बंद आंदोलन पर बैठ गए। जिससे पूरे कंट्रोल रूम का काम लगभग ढाई घण्टे से ठप्प हो गया.

आलम यह हुआ की इटारसी, बडनेरा, राजनांदगाँव, बल्लारशाह से नागपुर आने वाली सभी ट्रेनें अपने स्थान पर रुकी है. इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की भी कई अधिकांश ट्रेनें नागपुर के सीमावर्ती भागो पर रुकी रही. गौर करने वाली बता यह है की एक डीआरएम का कार्यकाल आम तौर पर दो साल का तय होता है और इसे एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे में अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने से पहले ही पांडे को स्थानांतरित करना बोर्ड की ओर से सख्ती का संकेत है। ऐसा कहा जा रहा है कि कंट्रोलर की मौत से पैदा हुई अशांति को डिवीजन बॉस ने ठीक से नहीं संभाला और इसलिए डीआरएम को हटाकर कम संवेदनशील स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

देखें वीडियो: