logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनपा चुनावो में भाजपा की जीत पर भाजपा में जश्न का माहौल, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- जनता ने विकास के नाम पर दिया वोट ⁕
  • ⁕ अमरावती मनपा चुनाव: युवा स्वभामिनी ने भाजपा का बिगाड़ा खेल, केवल जीत पाई 25 सीट ⁕
  • ⁕ Chandrapur Election Result: भाजपा को लगा झटका, 27 सीट जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी; देखें उम्मीदवारों की पूरी सूची ⁕
  • ⁕ Akola Municipal Corporation Result: अकोला मनपा पर भाजपा का परचम, 38 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी ⁕
  • ⁕ Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज ⁕
  • ⁕ Chandrapur NMC Election 2026: कांग्रेस को बड़ी बढ़त, चंद्रपुर में जीत लगभग तय: विजय वडेट्टीवार ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

डीआरएम तुषार कांत पांडे की नागपुर मंडल से छुट्टी, ऑपरेटिंग कंट्रोल रूम बंद होने पर गिरी गाज


नागपुर: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद पर कार्यरत तुषार कांत पांडे को उनके पद से हटा दिया गया है. 5 जनवरी को मध्य रेलवे के एक अधिकारी की मौत और अन्य कमर्चारियों के हंगामे के बाद रेलवे का कंट्रोल रूम करीब 2.30 बंद था. ऐसे में ट्रेनों के पहिये ठप्प होने के बाद तुषार कांत पण्डे गाज गिरने की चर्चा है। इस संदर्भ में आदेश जारी किया गया जिससे पूरे देश में रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में तुषार कांत पांडे को डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद से हटा दिया गया है. सोमवार देर रात को इस सदर्भ में आदेश जारी कर यह सुचना दी गयी है. उनके स्थान पर मनीष अग्रवाल को DRM पद पर नियुक किया गया. जो वर्तमान में दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र के गुंतकल डिवीजन में डीआरएम के रूप में कार्यरत हैं। वही को तुषार पांडे को संभलपुर मंडल में डीआरएम के पद पर तैनात किया गया है. हलाकि रेलवे के इस कदम को लेकर कई चर्चाओं को भी बल मिला है। हलाकि उन्हें पदमुक्त करने पीछे कई दलीले है लेकिन सबसे अधिक चर्चा इसके टाइमिंग को लेकर है.

दरअसल, ५ जनवरी को रेलवे अस्पताल में  मध्य रेलवे के कंट्रोल रूम में कार्यरत अधिकारी सुनील नितनवरे को कलाई के ऑपरेशन के लिए मध्य रेलवे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस बीच इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जिसके बाद उनके सहकर्मी और परिजनो ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत का आरोप लगा कर कंट्रोल रूम में जमकर हंगामा किया. और काम बंद आंदोलन पर बैठ गए। जिससे पूरे कंट्रोल रूम का काम लगभग ढाई घण्टे से ठप्प हो गया.

आलम यह हुआ की इटारसी, बडनेरा, राजनांदगाँव, बल्लारशाह से नागपुर आने वाली सभी ट्रेनें अपने स्थान पर रुकी है. इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की भी कई अधिकांश ट्रेनें नागपुर के सीमावर्ती भागो पर रुकी रही. गौर करने वाली बता यह है की एक डीआरएम का कार्यकाल आम तौर पर दो साल का तय होता है और इसे एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे में अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने से पहले ही पांडे को स्थानांतरित करना बोर्ड की ओर से सख्ती का संकेत है। ऐसा कहा जा रहा है कि कंट्रोलर की मौत से पैदा हुई अशांति को डिवीजन बॉस ने ठीक से नहीं संभाला और इसलिए डीआरएम को हटाकर कम संवेदनशील स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

देखें वीडियो: