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Nagpur

काम पूरा होने से पहले भुगतान करना पड़ा भारी, मनपा ने दो अधिकारियों को किया निलंबित


नागपुर: उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा क्षेत्र में सीवर लाइन के कामकाज में लापरवाही बरतना और बिना काम पूरा हुए ठेकेदारों को भुगतान करना दो अधिकारियों को भारी पड़ गया है। नागपुर महानगर पालिका ने दोनों अधिकारीयों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारीयों की पहचान आनंद लामसिंघे और शैलेश जांभुळकर के रूप में हुई है। दोनों लक्ष्मीनागर जोन में तैनात थे। आनंद जहां स्लम विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर थे, वहीं जांभुळकर  सार्वजनिक आरोग्य अभियंता विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत थे। आयुक्त के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। 

मिली जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अपने निर्वाचन क्षेत्र में सीवरेज लाइन डालने के लिए 11 करोड़ रूपये मंजूर किये थे। इसी के मद्देनजर हिंगना टी-पाईंट से मुख्य सीवेज लाइन सुभाष नगर, लोखंडे नगर, गायत्री नगर, शास्त्री नगर आदि से होते हुए ले जाना था। इस मेन गटर लाइन से सभी संबंधित बस्तियों की छोटी लाइनों को भी जोड़ा जाना था। 

मनपा की ओर से इसको एकर टेंडर आवंटित किया गया। लेकिन कान्ट्रैक्टर की तरफ से काम को पूरा नहीं किया गया। एक तरफ कई जगहों पर अधूरा काम होने से समस्या हल नहीं हुई। वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार को बिल का पूरा भुगतान कर दिया गया। समस्या का निराकरण नहीं होने से परेशान स्थानीय नागरिकों ने इसकी शिकायत करनी शुरू कर दी। लोगों की ओर से शिकायतें आते देख चीफ इंजीनियर ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसपर जांच बिठा दी। 

जांच में दोनों अधिकारी दोषी पाए गए। जिसके बाद जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट आयुक्त को भेजी। जहां आयुक्त ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, अब इस कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। लक्ष्मीनगर जोन के अन्य अधिकारीयों के अनुसार, जिस विषय को लेकर कार्रवाई की गई है उसमें दोनों अधिकारीयों का नाम मात्र लेना देना है। लापरवाही ठेकेदार ने की और कार्रवाई अधिकरियों पर की गई। इसी के साथ बिना नोटिस दिए सीधा निलंबित करने पर भी सवाल उठाया गया।