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Nagpur

Breaking: 48 घंटे में तीसरी बार नागपुर में लगे भूकंप के झटके, 2.7 रिक्टर स्केल मापी गई तीव्रता


नागपुर: उपराजधानी नागपुर (Nagpur News) में फिर एक बार भूकंप (Earthquake) के झटके लगे हैं। जिसकी तीव्रता 2.7 रिक्टर स्केल मापी गई। दोपहर करीब दो बजकर 28 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किये गए। भूकंप का केंद्र उमरेड (Umred) तहसील रहा। ज्ञात हो कि, पिछले 48 घंटे में तीसरी बार झटके लगे हैं।

ज्ञात हो कि, बीते तीन दिनों से उपराजधानी में हल्के भूकंप के झटके लग रहे हैं। पहला भूकंप शुक्रवार को तीन बजाकर 11 मिनट पर लगा। जिसकी तीव्रता 2.5 रिक्टर स्केल रही। वहीं भूकंप का केंद्र परशिवानी के सिल्लेवाड़ा परिसर रहा। वहीं शनिवार को भी जिले के कुही में 2.3 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं रविवार को दोपहर को जिले में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए।

कैसे आता है भूकंप?
पृथ्वी की सतह में होने वाली हलचलों से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है और 'भूकंपीय तरंगें' उत्पन्न होती हैं। फिर पृथ्वी की सतह में हलचल होती है। इसलिए जमीन का हिलना, जमीन में दरारें पड़ना, कंपन होना और कुछ क्षणों के लिए अचानक होने वाले झटके को भूकंप कहा जाता है। भूकंप के कारण पृथ्वी की सतह आगे-पीछे या ऊपर-नीचे होने लगती है। स्वाभाविक रूप से, इससे भूमिगत उत्पन्न होने वाले झटके और तरंगें जमीन के भीतर और ऊपरी सतह पर सभी दिशाओं में फैलती हैं।

भूकम्प के भूमिगत स्रोत को अधिकेन्द्र कहा जाता है। भूकंप के केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदुओं को अधिकेंद्र कहा जाता है। तेज़ लहरें या झटके सबसे पहले इसी केंद्र तक पहुंचते हैं, इसलिए नुकसान सबसे ज़्यादा यहीं होता है। भूकंप के झटके हल्के या गंभीर प्रकृति के हो सकते हैं। पृथ्वी पर विनाशकारी भूकंपों की तुलना में हल्के भूकंप कहीं अधिक आम हैं। सिस्मोग्राफ स्वचालित रूप से कंपन को रिकॉर्ड करता रहता है।