logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Nagpur: सिंचाई की सुविधा वाले किसान रेशम उद्योग को स्वीकार कर साधें अपना हित: कपड़ा उद्योग सचिव


नागपुर: आज मंगलवार को कपड़ा उद्योग सचिव वीरेंद्र सिंह ने हिंगना तहसील के गुमगांव में दिनेश लोंकडे के रेशम फार्म का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विदर्भ के रेशम उत्पादक किसानों को उद्योग जगत से उनकी पूरी क्षमता से विकसित करने के लिए रेशम संचालनालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरजोर प्रयास करने का निर्देश दिया। 

कपड़ा सचिव ने कहा कि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, वे रेशम उद्योग अपनाएं और अपना हित साधें. रेशम समग्र 2 और मनरेगा दोनों योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है, जिसके लिए सरकार से पूरी मदद मिलेगी.

उन्होंने विश्वास जताया कि सरकारी योजना को कम से कम समय में किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए और योजना में आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे नई तकनीक का इस्तेमाल कर किसानों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. 

रेशम उत्पादक किसान दिनेश लोंकडे ने बताया कि उनके पिता चार वर्षों से रेशम की खेती कर रहे हैं और यह अन्य खेती की तुलना में काफी बेहतर है। लोखंडे ने बताया कि दो एकड़ के रेशम उद्योग से प्रति माह 70 से 80 हजार रुपये की आय प्राप्त होती है, इसलिए नए बच्चों को यह खेती करनी चाहिए।