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Nagpur

पूर्व मेट्रो अधिकारी ने महामेट्रो पर आर्थिक अनियमितता का लगाया आरोप, कोर्ट में याचिका की दायर


नागपुर: महामेट्रो में पूर्व उप महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत नागपुर के रामनगर निवासी बिश्वरंजन बेऊरा ने महामेट्रो में आर्थिक अनियमितता होने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है.   

साल 2015 से अगस्त 2019 तक बेऊरा महा मेट्रो में कार्यरत थे. इस बीच, महामेट्रो ने 14 अधिकारियों को पदोन्नति दी. लेकिन, सिग्नलिंग कॉन्ट्रेक्ट बिल से तीन करोड़ रुपए की कटौती करने से बेऊरा को पदोन्नत नहीं किया गया. इस पर, बेऊरा ने इसके सहित अन्य अनियमितताओं के संबंध में सक्षम अधिकारी के पास 11 शिकायतें दर्ज कराई. लेकिन, इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि महामेट्रो के अधिकारी मेडिकल खर्च, विदेश दौरे, ठेकेदारों की अदायगी, नौकरी भर्ती के जरिए करोड़ों रुपए लूट रहे हैं. इस मामले की सीबीआई द्वारा गहन जांच करने की भी मांग की गई है.

कोर्ट ने जारी किया नोटिस 

याचिका पर न्यायमूर्ति विनय जोशी व न्यायमूर्ति महेंद्र चांदवाणी के समक्ष सुनवाई हुई. इसके बाद न्यायालय ने केंद्रीय गृहनिर्माण व नगर व्यवहार विभाग के सचिव, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के संचालक, केंद्रीय मुख्य सतर्कता अधिकारी, महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष, मुख्य सतर्कता अधिकारी व राज्य के नगर विकास विभाग के सचिव को नोटिस देकर आगामी 29 नवंबर तक जवाब तलब किया है. याचिकाकर्ता की तरफ से एड. तेजल आग्रे व एड. सेजल लखानी ने पैरवी की.