गायकवाड़ vs आंबी: सड़क पर उतरा विवाद, बुलढाणा मोर्चे से पहले चिखली में आंबी और समर्थक डिटेन
बुलढाणा: “शिवाजी कौन था” किताब के शीर्षक को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव में बदल गया है। शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा कथित तौर पर प्रकाशक को अपशब्द कहे जाने के बाद मामला पूरे राज्य में गरमा गया है। इसके विरोध में प्रकाशक प्रशांत आंबी और उनके समर्थकों ने आंदोलन का ऐलान किया, जिस पर अब पुलिस की सख्त कार्रवाई भी देखने को मिल रही है।
“जिसके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों के घर पर पत्थर नहीं मारा करते”. इसी चेतावनी के साथ प्रशांत आंबी ने विधायक संजय गायकवाड़ पर निशाना साधा है। दरअसल, “शिवाजी कौन था” किताब को लेकर विवाद के बाद कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर प्रशांत आंबी और उनके साथियों ने बुलढाणा में विधायक गायकवाड़ के घर पर मोर्चा निकालने और सामूहिक पुस्तक वाचन का ऐलान किया था।
हालांकि, आंदोलन के लिए बुलढाणा पहुंचने से पहले ही चिखली पुलिस ने प्रशांत आंबी, उनके परिवार और समर्थकों को एक होटल में रोक दिया। इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया और आक्रामक रुख अपनाते हुए होटल से बाहर निकलकर चिखली शहर में तेज धूप के बीच सड़क पर ही किताब का वाचन और नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जालना की ओर रवाना किया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी पहले सिंदखेड राजा में राजमाता जिजाऊ के जन्मस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उसके बाद कोल्हापुर के लिए रवाना होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब विचार और अभिव्यक्ति की लड़ाई सड़कों पर उतर चुकी है?
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