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Nagpur

बाल विवाह पर लगाम: अब शादी के कार्ड पर लिखनी होगी दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि, बाल आयोग का सख्त आदेश


नागपुर: महाराष्ट्र में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (MSCPCR) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में शादी के किसी भी निमंत्रण पत्र (लग्नपत्रिका) पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि (Date of Birth) प्रिंट करना अनिवार्य होगा। आयोग ने यह कदम बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उठाया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
आयोग के अनुसार, आज के डिजिटल युग में जानकारी हासिल करना आसान है, फिर भी ग्रामीण और कुछ शहरी इलाकों में चोरी-छिपे बाल विवाह की घटनाएं सामने आ रही हैं। शादी के कार्ड पर जन्मतिथि दर्ज होने से न केवल परिवार की जवाबदेही तय होगी, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी उम्र की पुष्टि करना आसान हो जाएगा।

आयोग के प्रमुख निर्देश:
  • अनिवार्य जन्मतिथि: महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य सरकार को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
  • विशेष बाल पुलिस दस्ता: हर पुलिस स्टेशन में एक 'विशेष बाल पुलिस इकाई' (Special Juvenile Police Unit) की स्थापना की जाएगी, जो विशेष रूप से बाल विवाह और बच्चों से जुड़े अपराधों पर नजर रखेगी।
  • बाल मित्र वातावरण: पुलिस स्टेशनों में बच्चों के लिए एक भयमुक्त और दोस्ताना माहौल तैयार किया जाएगा, ताकि ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग आसानी से हो सके।

सांख्यिकीय आंकड़े: एक नजर में (दृष्टिक्षेप)
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बाल विवाह के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखा गया है:

  • 2020-21: 12 मामले
  • 2022-23: 04 मामले
  • 2023-24: 08 मामले
  • 2024-25: 11 मामले
  • 2025-26: 09 मामले (अब तक)

कहाँ करें शिकायत?
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है, तो नागरिक तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दे सकते हैं। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

प्रशासनिक तैयारी
आयोग के अध्यक्ष एडवोकेट संजय पुराणिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव पंकज देवरे, गितांजली कुटी और अन्य सदस्यों ने इस नीति पर मुहर लगाई। इसके साथ ही रेलवे पुलिस को भी प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में बच्चों की तस्करी और बाल विवाह के लिए ले जाए जा रहे नाबालिगों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।