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हरियाली रोकेगी समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटना, MSRDC लगाएगी सड़क किनारे 10 लाख पेड़


नागपुर: हिन्दू ह्रदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Mahamarg) में होने वाले हादसों को रोकने के लिए हरियाली (Tree Plantation) का सहारा लिया जायेगा। हादसों को रोकने के लिए अब प्रयास किया जा रहा है की वाहन चलाने वाले व्यक्ति का ध्यान समय-समय पर भटकाया जाये। इसे लेकर कई तरह के कदम उठाये जा रहे है। जानकर इस काम में हरियाली को ज्यादा मदतगार मानते है।

समृद्धि महामार्ग में होने वाली दुर्घटनाओं में लगातार जाने जा रही है। सड़क नयी है इसलिए नियमों के पालन में लापरवाही होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हादसों को रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाये जाने का दावा है। वाहनों की स्पीड नियंत्रित किये जाने के साथ ही वाहनों की जांच और नियमों को लेकर जागरूक किये जाने का प्रयास शुरू है लेकिन इन सबके बीच एक और काम शुरू किया गया है। महामार्ग में पेड़ों को लगाने का। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने समृद्धि महामार्ग में बड़े पैमाने पर पेड़ों को लगाने की मुहीम शुरू किये जाने की पहल शुरू की है। कहा जा रहा है पेड़ हादसों को रोकने में मदतगार साबित होंगे।

समृद्धि महामार्ग में होने वाले हादसों को लेकर हुई जाँच पड़ताल में दुर्घटनाओं के लिए मानवी गलतियों के साथ हाइवे सम्मोहन को जिम्मेदार जिम्मेदार माना जा रहा है। जानकर भी इस बात को लेकर हामी भर रहे है। हालही में बना महामार्ग को डिजाईन ही इस तरह से किया गया है की वो सीधा रहे और मानवी बस्तियों से दूर इसलिए एक बार इस मार्ग पर चढ़ने के बाद यात्री  चहल-पहल से कट जाते है। जिस वजह से एक अदृश्य सम्मोहन अपनी आगोश में ले लेता है। इसमें अगर चूक हुई तो वो जान पर बन आती है। इस सम्मोहन की कांट हरियाली और रंग-बिरंगे फूल का प्राकृतिक सम्मोहन हो सकते है।या अन्य ऐसी चीजें जो महामार्ग से बीच-बीच में ड्राइवर के ध्यान को भटकते रहे।। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है।

एमएसआरडीसी नागपुर से मुंबई को जोड़ने वाले महामार्ग में 10 लाख से अधिक पेड़ लगाने वाली है। जिस पर काम भी शुरू हो चुका है। नागपुर के ज़ीरो पॉइंट से शुरू होने वाले महामार्ग के पैच 1 में 27 हजार से अधिक पेड़ लगाए जा चुके है। आज लगाए गए पेड़ो का फायदा दिखना तुरंत से शुरू हो जायेगा ऐसा नहीं है और इसकी वजह से सिर्फ दिन में दुर्घटनाओं को रोकने में मदत मिलेगी। रात में होने वाली दुर्घटनाओं के लिए सावधानी की एकमात्र उपाय है। बीते दिनों सार्वजनिक निर्माण कार्य मंत्री ने महामार्ग का दौरान कर अधिकारियों को जीरो एक्सीडेंट की दिशा में काम किये जाने का निर्देश दिया था। हालाँकि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आरटीओ द्वारा भी कई तरह के प्रयास किये जा रहे है।

11 दिसंबर 2022 से लेकर 3 जुलाई 2023 के बीच सरकारी आकड़ो के  मुताबिक महामार्ग में 624 दुर्घटनायें हुई है। सबसे अधिक 186 दुर्घटनाएं सुबह 6 बजे से रात 12 बजे के दौरान हुई है। और सबसे अधिक मृत्यु रात 12 बजे से 3 बजे के दौरान हुई है। महामार्ग में हुई दुर्घटनाओं में 92 लोगों की जान गयी है। 225 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए है जबकि 436 लोगों को मामूली चोटें आयी है। सरकारी रिकॉर्ड बताता है की 89 दुर्घटनाओं का कारण ड्राइवर को नींद लगना है।वर्तमान में ये महामार्ग जहा तक शुरू है उसके अंतर्गत बुलढाणा में 383 हादसे हुए है।

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