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Nagpur: हाई कोर्ट ने मनपा को दिया आदेश; पीओपी की मूर्ति स्थापित करने वालों पर करें आपराधिक मामला दर्ज


नागपुर: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने बुधवार को प्राकृतिक जल स्रोतों के प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की और नगर निगम आयुक्त को पीओपी गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने वाले सार्वजनिक मंडलों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने और गंभीर वित्तीय दंड लगाने का आदेश दिया। इस संबंध में कोर्ट ने 2021 में स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका दायर की है। 

नगर निगम और पुलिस विभाग की ओर से सार्वजनिक निकायों को विभिन्न शर्तों के साथ गणेशोत्सव मनाने की अनुमति दी गई है। जब कोर्ट ने संबंधित शर्तों के बारे में जानकारी मांगी तो पता चला कि पीओपी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना पर रोक लगाने वाली कोई स्पष्ट शर्त नहीं थी और इस संबंध में सार्वजनिक निकायों से कोई गारंटी नहीं ली गई थी।

अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक निकायों को तब तक गणेशोत्सव मनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती जब तक कि ये दो शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। कोर्ट ने कहा कि इन दोनों शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि उल्लंघन करने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज करना और गंभीर वित्तीय जुर्माना लगाना जरूरी है।

कार्रवाई का मसौदा तैयार करने के निर्देश

अदालत ने नगर निगम आयुक्त को कार्रवाई का मसौदा तैयार करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम आयुक्त को तत्काल बैठक आयोजित कर पीओपी गणेश प्रतिमा स्थापित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का मसौदा तैयार करना चाहिए। पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी बैठक में शामिल हों और आवश्यक निर्देश दें। साथ ही इस संबंध में दो सितंबर को शपथ पत्र भी देने को कहा है।