logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

Nagpur: कोराडी में प्रशिक्षु समिति की भूख हड़ताल, स्थायी नौकरी देने की मांग


नागपुर: प्रावधान के बावजूद कोराडी महानिर्मिति में नौकरी देने के बजाय केवल प्रशिक्षु के रूप में नियोजित करने के विरोध में महाराष्ट्र स्टेट पावर जेनरेशन एडवांस्ड स्किल्ड ट्रेनी एक्शन समिति ने कोराडी पावर प्लांट के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आज इस आंदोलन का सातवां दिन है। 

कामठी कोराडी महानिर्मिति और राज्य सरकार ने 59 साल पहले कोराडी बिजली संयंत्र के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किया था। उस समय परियोजना में कृषि भूमि के मुआवजे को लेकर बिना किसी शर्त के काम लायक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान था। हालांकि, 2009 के बाद भर्ती बंद कर दी गई। परियोजना पीड़ितों को नौकरी देने के बजाय केवल प्रशिक्षु के रूप में नियोजित किया जा रहा है।

आंदोलन के सातवें दिन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भांगे ने कि अल्प पारिश्रमिक पर 8-8 घंटे काम कराया जाता है। चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी गयीं। प्रोविडेंट योजना भी लागू नहीं है। इससे अस्थायी कर्मियों का भविष्य अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि स्थायी नौकरी देने के नाम पर हमें धोखा दिया गया। पीड़ित युवाओं ने स्थायी नौकरी समेत कई अन्य मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

उन्होंने यह मांग की है कि महानिर्मिधि में एक विशेष श्रेणी बनाकर परियोजना प्रभावित उन्नत कुशल प्रशिक्षुओं को परीक्षा एवं आयु वर्ग की शर्त के बिना स्थाई रोजगार दिया जाए। वहीं, 45 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कुशल प्रशिक्षुओं का पारिश्रमिक कम किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी इस कटौती को रोकने और 35 हजार रुपये देने की भी मांग कर रहे हैं।