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Nagpur

पिछले 21 दिनों में रेल पटरी पर घूमने वाले 47 आवारा पशुओं की मौत, 21 लोग भी हुए हादसे का शिकार


नागपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत रेल पटरियों पर आवारा जानवरों के घूमने के चलते पिछले 21 दिनों में ही करीब 47 पशुओं की मौत हुई है. साथ ही 21 लोग भी ऐसे हादसों के शिकार हुए हैं. इन हादसों को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन पिछले कुछ दिनों से जन जागृति अभियान चला रहा है. इसके साथ ही नियमित तोड़ने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामले भी दर्ज किये जा रहे  हैं.

दक्षिण पूर्व मध्य रेल मंडल अंतर्गत रेल पटरियों पर आवारा घूम रहे 47 पशुओं की ट्रेन की चपेट में आने से जान चली गई, वहीं 21 लोग भी ऐसे हादसों का शिकार हुए जिनकी मौत हो गई. 

बढ़ा रेल हादसे और यात्रियों की जान को जोखिम 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत ये आंकड़े जून महीने से अब तक के हैं. इससे साफ हो जाता है कि आवारा पशुओं के रेल परिसर में आने के चलते ऐसी घटनाओं का शिकार होने से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. इतना ही नहीं पशुओं के रेल लाइन पर आने से रेल हादसे व यात्रियों की जान माल को भी जोखिम बढ़ गया है. 

चलाया जा रहा जनजागृति अभियान 

भविष्य में ऐसे हादसे न हों इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल की ओर से रेल पटरी किनारे बसे गांव और बस्तीयों में जाकर जन जागृति अभियान चलाया जा रहा है. रेलवे पुलिस द्वारा ऐसी गौशालाओं, तबेलों और पशुपालकों की जानकारी लेकर सूची बना रही है. आरपीएफ कमांडेंट दीपचंद आर्य के मार्गदर्शन है पिछले 15 दिनों से रेल लाइन के आसपास घूमने वाले, पशु चराने वाले और पशु मालिकों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. यह अभियान आगे भी जारी रहने की जानकारी है.