logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

पिछले 21 दिनों में रेल पटरी पर घूमने वाले 47 आवारा पशुओं की मौत, 21 लोग भी हुए हादसे का शिकार


नागपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत रेल पटरियों पर आवारा जानवरों के घूमने के चलते पिछले 21 दिनों में ही करीब 47 पशुओं की मौत हुई है. साथ ही 21 लोग भी ऐसे हादसों के शिकार हुए हैं. इन हादसों को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन पिछले कुछ दिनों से जन जागृति अभियान चला रहा है. इसके साथ ही नियमित तोड़ने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामले भी दर्ज किये जा रहे  हैं.

दक्षिण पूर्व मध्य रेल मंडल अंतर्गत रेल पटरियों पर आवारा घूम रहे 47 पशुओं की ट्रेन की चपेट में आने से जान चली गई, वहीं 21 लोग भी ऐसे हादसों का शिकार हुए जिनकी मौत हो गई. 

बढ़ा रेल हादसे और यात्रियों की जान को जोखिम 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत ये आंकड़े जून महीने से अब तक के हैं. इससे साफ हो जाता है कि आवारा पशुओं के रेल परिसर में आने के चलते ऐसी घटनाओं का शिकार होने से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. इतना ही नहीं पशुओं के रेल लाइन पर आने से रेल हादसे व यात्रियों की जान माल को भी जोखिम बढ़ गया है. 

चलाया जा रहा जनजागृति अभियान 

भविष्य में ऐसे हादसे न हों इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल की ओर से रेल पटरी किनारे बसे गांव और बस्तीयों में जाकर जन जागृति अभियान चलाया जा रहा है. रेलवे पुलिस द्वारा ऐसी गौशालाओं, तबेलों और पशुपालकों की जानकारी लेकर सूची बना रही है. आरपीएफ कमांडेंट दीपचंद आर्य के मार्गदर्शन है पिछले 15 दिनों से रेल लाइन के आसपास घूमने वाले, पशु चराने वाले और पशु मालिकों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. यह अभियान आगे भी जारी रहने की जानकारी है.