logo_banner
Breaking
  • ⁕ महायुति में अंदरूनी घमासान पर सीएम सख्त; वर्षा बंगले पर हुई समन्वय बैठक, 70-30 फंड और निगम बंटवारे के फॉर्मूले पर लगी मुहर ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

नागपुर में बढ़ती जा रही ठंड, हजारों प्रदर्शनीकारी खुले आसमान के निचे सोने को मजबूर


नागपुर: नागपुर में सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है. कड़ाके की ठण्ड में रात में बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. बावजूद इसके कई लोग अब भी खुले आसमान के निचे सोने पर मजबूर हैं. 

नागपुर में शीत सत्र चल रहा है, इस दौरान मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, समेत पूरी राज्य सरकार संतरा नगरी नागपुर में मौजूद है. ऐसे में सरकार तक अपनी मांगे पहुंचाने के लिए राज्य भर से हजारों प्रदर्शनीकारी नागपुर पहुंचे है. फिलहाल नागपुर का यशवंत स्टेडियम ही इन सभी का आशियाना बना हुआ है.   

इन पंडालों में हमारी मुलाकात लक्ष्मीबाई सोनवाने से हुई. 70 वर्ष की लक्ष्मीबाई राज्य के दूरदराज ग्रामीण भाग से नागपुर सिर्फ इसलिए पहुंची की इनके जैसी हजारो महिला के मानधान में इजाफा किया जाए और अपनी इसी मांग को लेकर बीते एक हफ्ते से नागपुर की रूह कपाने वाली ठण्ड में सोनो को मजबूर है.   

यह केवल लक्ष्मीबाई की बात नहीं, इस मैदान में कई ऐसी महिलाए भी है जिनकी मनोगाथा कमोबेश लक्ष्मीबाई जैसी ही है. शहर की कड़ाके की ठण्ड में घर के अंदर रहने वालो का हाल बेहाल है, लेकिन यहा आंदोलन पर बैठे हजारो लोग कई गुजारिश को लेकर अपनी जान जोखिम में डाल रही है. 

किसी भी लोगों को सर्दी के मौसम में कोई दिक्कत न होने पाये इसके लिए पंडाल तो हैं लेकिन अभी तक उनमें सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। न पीने के पानी की व्यवस्था है न शौच जाने की। कई लोग कंबल  आदि का सहारा लेकर सर्दी कर रहे है. लेकिन यह केवल नाकाफी साबत हो रहे है.