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Nagpur

नागपुर में बढ़ती जा रही ठंड, हजारों प्रदर्शनीकारी खुले आसमान के निचे सोने को मजबूर


नागपुर: नागपुर में सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है. कड़ाके की ठण्ड में रात में बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. बावजूद इसके कई लोग अब भी खुले आसमान के निचे सोने पर मजबूर हैं. 

नागपुर में शीत सत्र चल रहा है, इस दौरान मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, समेत पूरी राज्य सरकार संतरा नगरी नागपुर में मौजूद है. ऐसे में सरकार तक अपनी मांगे पहुंचाने के लिए राज्य भर से हजारों प्रदर्शनीकारी नागपुर पहुंचे है. फिलहाल नागपुर का यशवंत स्टेडियम ही इन सभी का आशियाना बना हुआ है.   

इन पंडालों में हमारी मुलाकात लक्ष्मीबाई सोनवाने से हुई. 70 वर्ष की लक्ष्मीबाई राज्य के दूरदराज ग्रामीण भाग से नागपुर सिर्फ इसलिए पहुंची की इनके जैसी हजारो महिला के मानधान में इजाफा किया जाए और अपनी इसी मांग को लेकर बीते एक हफ्ते से नागपुर की रूह कपाने वाली ठण्ड में सोनो को मजबूर है.   

यह केवल लक्ष्मीबाई की बात नहीं, इस मैदान में कई ऐसी महिलाए भी है जिनकी मनोगाथा कमोबेश लक्ष्मीबाई जैसी ही है. शहर की कड़ाके की ठण्ड में घर के अंदर रहने वालो का हाल बेहाल है, लेकिन यहा आंदोलन पर बैठे हजारो लोग कई गुजारिश को लेकर अपनी जान जोखिम में डाल रही है. 

किसी भी लोगों को सर्दी के मौसम में कोई दिक्कत न होने पाये इसके लिए पंडाल तो हैं लेकिन अभी तक उनमें सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। न पीने के पानी की व्यवस्था है न शौच जाने की। कई लोग कंबल  आदि का सहारा लेकर सर्दी कर रहे है. लेकिन यह केवल नाकाफी साबत हो रहे है.