IMD Alert: इस साल कमजोर रह सकता है मानसून, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भीषण लू का खतरा
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून 2026 को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के ताज़ा दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार, इस वर्ष देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके साथ ही जून महीने में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और सामान्य से अधिक लू चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मानसून 2026 को लेकर क्या है अनुमान?
IMD के अनुसार, जून से सितंबर के बीच पूरे देश में औसत वर्षा दीर्घावधि औसत (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। यानी इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने के आसार अधिक हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि देश में सामान्य से कम या डिफिशिएंट बारिश होने की संभावना 84 प्रतिशत तक है। इससे खेती, जल संकट और बिजली की मांग पर असर पड़ सकता है।
खेती वाले इलाकों पर ज्यादा असर
‘मानसून कोर ज़ोन’ (MCZ) यानी वे इलाके जहां खेती काफी हद तक बारिश पर निर्भर करती है, वहां भी सामान्य से कम वर्षा का अनुमान जताया गया है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
किन क्षेत्रों में कम होगी बारिश?
IMD के मुताबिक,
- मध्य भारत
- उत्तर-पश्चिम भारत
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
इन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पूर्व भारत में मानसून सामान्य रहने का अनुमान है।
जून में होगी भीषण गर्मी
मौसम विभाग ने जून महीने के लिए भी बड़ा अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि जून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा। इसके साथ ही कई राज्यों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चल सकती है।
महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में Heat Wave का अलर्ट
IMD के अनुसार, जून के दौरान इन राज्यों में भीषण गर्मी और लू का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश
हरियाणा
पंजाब
बिहार
ओडिशा
छत्तीसगढ़
गुजरात
आंध्र प्रदेश
महाराष्ट्र
तेलंगाना
हिमाचल प्रदेश
तमिलनाडु के कुछ हिस्से
वहीं, राजस्थान और झारखंड में लू वाले दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने की संभावना है।
एल-नीनो बना बड़ी वजह
मौसम विभाग के अनुसार, प्रशांत महासागर में एल-नीनो (El Niño) की स्थिति विकसित हो रही है। आमतौर पर एल-नीनो सक्रिय होने पर भारतीय मानसून कमजोर पड़ जाता है और बारिश में कमी देखने को मिलती है। फिलहाल हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की स्थिति तटस्थ बनी हुई है।
प्रशासन को अलर्ट
कम बारिश और बढ़ती गर्मी को देखते हुए IMD ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। जल संरक्षण, पेयजल प्रबंधन, आकस्मिक कृषि योजनाएं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून कमजोर रहता है, तो आने वाले महीनों में पानी और बिजली की मांग तेजी से बढ़ सकती है।
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