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Nagpur

आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रही कलमना मंडी, परेशान आढ़तियों ने सब्जी बाजार बंद करने दी चेतावनी


नागपुर: मध्य भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी के रूप में विख्यात कलमना सब्जी मंडी अस्तित्व आने के बाद से ही आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। रोजाना 4 से 5 हजार गाड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों से इस सब्जी मंडी में पहुंचती हैं। परंतु सुविधाओं के अभाव में यहां आने वाले व्यापारियों को असुविधाओं से दो-चार होना पड़ता है। वहां काम करने वाले आढ़तियों ने अपनी विभिन्न मांगों के लिए कई बार संबंधित प्रशासन को निवेदन दिए पर कोई उपाय नहीं किया। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैया से तंग आकर  इन आढ़तियों ने आधारभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द मुहैया करवाने का अल्टीमेट प्रशासन को दिया है अन्यथा अनिश्चित समय के लिए सब्जी मंडी को बंद करने का भी इशारा दिया है।

मध्य भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी के रूप में विख्यात कृषी उत्पन्न बाजार समिती नागपुर के नाम से प्रसिद्ध कलमना सब्जी मंडी साल 2013 में अस्तित्व में आई थी। कॉटन मार्केट सब्जी मंडी से अलग होने के बाद करीब 114 एकड़ की जमीन पर इस मंडीको शुरू किया गया था। 10 साल पूरे होने के बावजूद स्थितियां जैसी थी उससे भी बदतर हो गई हैं। सब्जी मंडी में पहुंचते ही सड़क पर बने गढ़ों द्वारा बाहर से आने वाले किसानों का स्वागत किया जाता है और जैसे ही वह मंडी में पहुंचते हैं अव्यवस्थाओं का एक के बाद एक अंबार लगने लगता है। 

गाड़ी खड़ी करने से लेकर सामान उतारने, रहने, खाने-पीने और सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें दो-चार होना पड़ता है। पूरी सब्जी मंडी में गंदगी का अंबार देखने को मिलता है। सब्जी मंडी परिसर में एकमात्र शौचालय है जहां पर जाने के लिए लंबी लाइन लगाना पड़ता है। रही सही कसर वहां घूमने वाले सूअर पूरी कर देते हैं।  ऐसा नहीं एपीएमसी के पास इन असुविधाओं को दूर करने के लिए पैसा नही है। हर दिन एक बड़ा शेष सब्जी मंडी को आढतीयों के तरफ से जाता है।

परंतु बदले में कोई भी सुविधा एपीएमसी के द्वारा किसानों और आढ़तियों को नहीं दी जाती है। गुरुवार को युवा आरतियां एसोसिएशन द्वारा एपीएमसी अधिकारियों का घेराव कर अपना निवेदन सौंपा और उन्हें एक निश्चित समय अवधि में इन आधारभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने का अल्टीमेट दिया। अन्यथा तीव्र आंदोलन और सब्जी मंडी को अनिश्चित समय के लिए बंद करने का भी इशारा दिया।

100 करोड़ का टेंडर मंजूर 

जब हमने इस संबंध में एपीएमसी मंडी के सभापति से बात की तो उन्होंने बताया कि करीब 100 करोड रुपए के काम का टेंडर मंजूर हुए हैं और जल्द ही उन पर काम भी किया जाने वाला है। उन्होंने बताया कि सभी असुविधाओं को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयत्न एपीएमसी प्रशासन की तरफ से किया जा रहा है।