logo_banner
Breaking
  • ⁕ Amravati: समृद्धि महामार्ग पर भीषण सड़क हादसा: चंद्रपुर के एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ लाडली बहन योजना में बड़ा खेल! 12 हजार सरकारी कर्मचारियों ने बटोरे पैसे; विधानसभा में सरकार ने कबूली चौंकाने वाली बात ⁕
  • ⁕ Nagpur: बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंट्स पर चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट की फटकार के बाद फडणवीस सरकार ने खारिज की अपील ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

अब चुनाव में हारने वाले कर सकेंगे ईवीएम की जांच, बस उम्मीदवारों को करना पड़ेगा यह काम


नागपुर: चुनाव के समय इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन बड़ा मुद्दा बना हुआ। विपक्ष के तमाम नेता और राजनीतिक दल इवीएम की विश्वनियत पर सवाल खडे कर रहे हैं और उसके साथ छेड़छाड़ करने का दावा कर रहे हैं। नेताओं के लगातार आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत अब चुनाव में हारने वाले प्रत्याशी ईवीएम की जांच कर सकेंगे और यह जान सकेंगे की उसके साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं। 

नागपुर लोकसभा सीट पर कल यानि चार जून को वोटों की गिनती होने वाली है। इसी को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर बिपिन इटनकार ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया था। जिसमें मतगणना को लेकर की गई तैयारी की सभी जानकारी उन्होंने दी। इसी दौरान उन्होंने ईवीएम को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर जवाब दिया, साथ जिन्हें शक है उनके लिए आयोग की नई योजना भी सार्वजनिक की।

जिलाधिकारी इटनकर ने बताया कि, चुनाव के समय कई प्रत्याशी अपनी हार को लेकर वोटिंग मशीन को जिम्मेदार बताते हैं। वह आरोप लगाते हैं कि, मशीन को हैक कर लिया गया है। इस कारण उसे हार का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक योजना लाई है जिसके तहत प्रत्याशी खुद मशीन की जांच कर सकते हैं।"

जिलाधिकारी के अनुसार, "प्रत्याशी को परिणाम घोषित होने के सात दिन के अंदर मशीन चेकिंग के लिए एक फॉर्म भरना होगा। इसी के साथ 40 हजार रूपए की चेकिंग फीस भी जमा करानी पड़ेगी।  इसके बाद फॉर्म को चुनाव आयोग भेजा जाएगा। आवेदन स्वीकार होने के बाद आयोग का इंजिनियर उम्मीदवार के सामने कुल वोटिंग मशीन में से पांच प्रतिशत मशीनों की जांच करेगा।" हालांकि, यह सुविधा लेवल चुनाव में दूसरे और तीसरे नंबर के प्रत्याशी के लिए उपलब्ध होगी।