logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

जनसंख्या असंतुलन पर मोहन भागवत ने जताई चिंता, कहा- आज भी दुनिया में बन रहे नए देश, इसकी न हो अनदेखी


नागपुर: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को विजयदशमी के मौके पर संघ सेवकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश की बढ़ती जनसँख्या सहित सिमा क्षेत्र और एक समुदाय की बढ़ती आबादी पर हो रहे जनसँख्या पर असंतुलन चिंता जताई है। इसी के साथ उन्होंने लगातार हो रहे घुसपैठ पर भी चिंता जताई है। नागपुर के रेशम बाग में आयोजित सभा में संघ प्रमुख ने कहा, दुनिया में जनसंख्या असंतुलन के कारण आज भी नए देश बन रहे हैं। जिसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।"

संघ प्रमुख ने कहा, "हमें आजाद हुए 75 साल हो गये हैं। हमने पुराने अनुभव किया है देख भी रह रहे हैं कि, 21वीं सदी में हमने तीन नए देश ईस्ट तिमारो, दक्षिण सूडान और कोसोवा को बनते हैं। ये सभी जनसंख्या असंतुलन के कारण बने देश हैं। जब-जब किसी देश में जनसांख्यिकी असंतुलन होता है तब-तब उस देश की भौगोलिक सीमाओं में भी परिवर्तन आता है।"

जबरदस्ती धर्मानान्तरण को लेकर संघ प्रमुख ने, "जन्मदर में असमानता के साथ साथ लोभ, लालच, जबरदस्ती से होने वाले धर्मान्तरण के साथ-साथ देश में हुई घुसपैठ भी बड़े कारण है। इन सबका विचार करना पड़ेगा।" भगवत ने आगे कहा, जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ पांथिक आधार पर जनसंख्या संतुलन भी महत्व का विषय है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।"