logo_banner
Breaking
  • ⁕ Ramtek: ट्रक और स्कॉर्पियो की भीषण भिड़ंत, नेशनल हाईवे-44 पर पलटी गाड़ी; 3 लोग गंभीर रूप से घायल ⁕
  • ⁕ Amravati: जिले के 15 केंद्रों पर चना-तुअर की सरकारी खरीदी शुरू; अब तक 9,145 किसानों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Amravati: बेटियों को बस में बिठाने गए पिता की सड़क हादसे में मौत, साथ में बड़ी बेटी ने भी तोड़ा दम; दूसरी की हालत नाजुक ⁕
  • ⁕ नागपुर में भीषण सड़क हादसा: मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 26 घायल, 10 की हालत नाजुक ⁕
  • ⁕ विधानसभा में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक पेश, मुख्यमंत्री बोले- किसी धर्म के विरोध में नहीं; UBT का समर्थन, Congress और SP ने किया विरोध ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमआईडीसी में पिस्टल की नोक पर बार में लूट, कुख्यात अजीत सातपुते गैंग सहित 6 गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

सरकार बदले डेढ़ साल से ज्यादा का समय बिता, एनआईसी की वेबसाइट में अभी भी उद्धव ठाकरे ही मुख्यमंत्री


नागपुर: राज्य में सत्ता परिवर्तन हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना-भाजपा और एनसीपी अजित गुट सरकार चला रही है। हालांकि, अभी भी कई ऐसे संस्थान है जहां अभी भी उद्धव ठाकरे को ही मुख्यमंत्री है। ऐसी ही एक संस्थान है राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, जहां उद्धव ठाकरे ही अभी भी मुख्यमंत्री हैं। सरकार बदलने के बावजूद अभी तक वहां से उद्धव की तस्वीर हटाई नहीं गई है। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि, आखिर केंद्र की संस्था ने अभी तक क्यों नहीं हटाई। 

क्या है एनआईसी?

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत एक प्रमुख भारतीय सरकारी विभाग है। एनआईसी केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचा, आईटी परामर्श, आईटी सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें वास्तुकला, डिजाइन, विकास और आईटी प्रणालियों का कार्यान्वयन शामिल है, लेकिन यह इन्हीं तक सीमित नहीं है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्रदान करने और डिजिटल इंडिया की पहल को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

जुलाई 2022 से शिंदे-फडणवीस की सरकार 

जून 20222 में एकनाथ शिंदे ने अपने 40 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी। शिंदे सूरत के रास्ते गुवाहटी पहुंचे थे। विधायकों के सरकार से समर्थन वापस लेने के कारण उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। जिसके कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद शिंदे ने भाजपा की मदद से सरकार बनाई। जहां वह मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बने।