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Nagpur

Nag River Pollution Abatement Project: दो कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी, टाटा कंसल्टिंग की दावेदारी मजबूत


    • कमेटी ने टाटा को 93.77% जबकि स्मेक को 78.69% नंबर दिए है।
    • प्रोजेक्ट के लिए टाटा ने जहां 87 करोड़ 12 लाख रूपए की मांग रखी है
    • वही स्मेक ने 104 करोड़ से अधिक की राशि का टेंडर भरा है।

नागपुर: नागपुर में नाग नदी प्रदूषण निर्मूलन प्रकल्प (Nag River Pollution Abatement Project) के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए दो कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। क़रीब दो हजार करोड़ रूपए की इस परियोजना का मकसद नाले में तब्दील हो चुकी नाग नदी को फिर से स्वच्छ कर जीवित करना है। जिन दो कंपनियों ने टेंडर भरा है उसमे टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरिग लिमिटेड (Tata Consulting Engineering Limited) की दावेदारी अधिक मजबूत है। मनपा की टेक्निकल इवेलुएशन कमेटी की मार्किंग में टाटा कंसल्टिंग को ज्यादा नंबर है बल्कि दूसरी कंपनी की तुलना में कंपनी द्वारा भरा गया कोटेशन भी कम है।

नागपुर शहर के लिहाज से अहम नाग नदी प्रदूषण निर्मूलन प्रकल्प पर गति मिलती दिखाई दे रही है। इस प्रकल्प के माध्यम से शहर के बीचों बीच से बहने वाली नाग नदी को जो फ़िलहाल नाले के रूप में है उसे न केवल वास्तव में नदी का स्वरुप दिलाना है बल्कि उसमे पड़ने वाली गन्दगी को भी रोकना है। करीब दो हजार करोड़ रूपए के इस प्रोजेक्ट को जायका के सहयोग से पूरा किया जायेगा।

दो कंपनियों ने भरा टेंडर 

प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार करने के लिए नागपुर महानगर पालिका ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें दो कंपनियों  टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरिग लिमिटेड और गुड़गांव की कंपनी स्मेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने टेंडर भरा है। मनपा आयुक्त ने बताया की फ़िलहाल महानगर पालिका कंपनियों द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रस्तावों का वित्तीय मूल्यांकन कर चुकी है जिसे नेशनल रिवर कंसर्वेशन बोर्ड को भेजा जाने वाला है।

मापदंडों के आधार पर कंपनियों के प्रस्तावों का मूल्यांकन


नागपुर महानगर पालिका ने नाग नदी परियोजना के लिए पीएमसी नियुक्ति के लिए जो प्रस्ताव मंगाए थे। उसमे दो कंपनियों  टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरिग लिमिटेड और स्मेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी इच्छा दर्शाई है। इन दोनों ही कंपनियों के प्रस्ताव पर नागपुर महानगर पालिका की टेक्निकल इवैल्यूएशन कमेटी ने भी अपनी नोटिंग दी है। कई मापदंडों के आधार पर कंपनियों के प्रस्तावों पर मूल्यांकन किया गया है। कमेटी के नंबर और कंपनियों द्वारा प्रस्तावित की गई राशि को तुलनात्मक रूप से देखे तो टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरिग लिमिटेड पीएमसी नियुक्त होगी इसकी संभावना प्रबल है।

सीवर लाइन, एसटीपी प्लांट और पम्पिंग स्टेशन बनना 

इस प्रकल्प के तहत कई तरह के काम होने है नदी के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छ बनाने जाने के लिए क्या कुछ जरुरी है यह पीएमसी की नियुक्ति के बाद तय होगा। लेकिन आधारभूत तौर पर मनपा ने जो योजना बनाई है उसमे सीवर लाइन, एसटीपी प्लांट और पम्पिंग स्टेशन बनाया जाना प्रमुख है। स प्रकल्प में मनपा ने नाग नदी के ही साथ पीली नदी के कुछ हिस्सों को समाहित किया है। साथ ही बोर नाले को भी स्वच्छ किया जायेगा। मनपा टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरिग लिमिटेड को उसके द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रस्ताव पर अंतिम बातचीत के लिए भी जल्द बुलाने वाली है।