logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

Nagpur: तमाम कोशिशों के बाद नहीं बन पा रहा फायर हाइड्रेंट सिस्टम, क्या है आखिर कारण?


नागपुर: शहर में अगर कही आग लगी हो तो उसे बुझाना एक बड़ी चुनौती बन जाती  है. वजह अग्निशमन विभाग को तत्काल तौर पर पानी उपलब्ध न हो पाना है. दरअसल शहर में फायर हाइड्रेंट सिस्टम ही नहीं है. अंग्रेजों के समय यह सिस्टम बेहद व्यापक था जो अब पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है. खास है की इस सिस्टम को फिर  किये जाने का प्रयास 2016 से किया जा रहा है. बावजूद इसके इसमें सफलता नहीं मिल पा रही है? इसके पीछे आखिर क्या है?

आग लगने की आपात स्थिति में हर सेकेण्ड बेहद अहम माना है. आग लगने की स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी और लोगो की जान बचाने काम अग्निशमन दल का होता है. ऐसे में जरूरी है ऐसी व्यवस्था रहे की इस कम में एक सेकेण्ड का भी समय जाया न हो. आग बुझाने में पानी एक महत्वपूर्ण साधन है. लेकिन नागपुर में अग्निशमन दल को समय पर पानी मिले इसकी व्यवस्था ही नहीं है. शहर में अंग्रेजो के समय में  फायर हाइड्रेंट का बनाया सिस्टम पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है. इसलिए जरुरी है की इस सिस्टम को फिर से विकसित किया जाये। अग्निशमन दल इस व्यवस्था को बेहद जरुरी मनाता हैं.

शहरीकरण कैसा होना चाहिए इसके लिए अंग्रेजों द्वारा तैयार किया गया पैमाना आज भी मिसाल माना जा सकता है. आजादी से पूर्व नागपुर शहर का दायरा बेहद सीमित था और जनसंख्या भी कम थी. तब की परिस्थिति के हिसाब से शहर में 90 से अधिक फायर हाइड्रेंट स्थापित किये गए थे. आज यह सभी हाइड्रेंट बर्बाद हो चुके है हालाँकि इनके अवशेष कही -कही दिखाई देते है. मगर यह बिना काम के है ऐसे में जरूरी है कि शहर के लिए एक खास प्लान बनाकर  हाइड्रेंट स्थापित किये जाये।

नागपुर महानगर पालिका का अग्निशमन विभाग लंबे समय से फायर हाईड्रेंट को स्थापित करने का प्रयास कर रहा है. वर्ष 2016 में इसका प्लान भी तैयार किया गया। .लेकिन अब तब यह प्लान सिर्फ प्लान ही बनकर रह गया है. इन फायर हाइड्रेंट जो शहर से गुजरने वाली पानी की मुख्य लाइन से जुड़े हो इसके सहारे अग्निशमन विभाग आसानी से अपने वाहनों में पानी भर सकता है. इससे काफी समय बच सकता है.

मौजूदा समय में पानी की व्यवस्था फायर स्टेशनों में या पानी की टंकियों के पास है. मौजूदा परिस्थिति में शहर में 116 जगहों पर फायर हाईड्रेंट स्थापित किये जाने की योजना है लेकिन इस काम के लिए अब तक चार बार टेंडर निकलने के बावजूद किसी ने भी इसमें दिलचप्सी नहीं दिखाई है.. तेजी से विकसित हो चुके नागपुर में बीते कुछ वर्षो में जो निर्माण कार्य हुए है उसमे हाईड्रेंट को स्थापित करने एक बड़ी चुनौती बन चुकी है.