Nagpur: भामेवाडा घाट पर रेत का अवैध उत्खनन चरम पर; क्या प्रशासन की मूक सहमति से लुट रहा सरकारी खजाना?
नागपुर: नागपुर जिले के कन्हान नदी के भामेवाडा रेत घाट पर इन दिनों नियमों की धज्जियां उड़ाकर रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मौदा पुलिस और राजस्व विभाग की 'मूक सहमति' के चलते रेत माफिया बेखौफ होकर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं।
नियमों की सरेआम धज्जियां
प्रशासन ने भामेवाडा घाट की नीलामी कर ठेकेदार को रेत निकालने की अनुमति दी थी, लेकिन अब यहाँ नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है।
- सर्वे नंबर का खेल: एक सर्वे नंबर से रेत निकालकर उसे दूसरे सर्वे नंबर का बताकर परिवहन किया जा रहा है।
- बिना रॉयल्टी की बिक्री: रेत को बिना रॉयल्टी के ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
- सीमा उल्लंघन: नीलामी के समय प्रशासन ने जो सीमांकन (Hadd) तय किया था, घाट मालिक अब उस सीमा के बाहर जाकर अवैध उत्खनन कर रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
यह घाट कामठी तहसील के अंतर्गत आता है, जिसकी निगरानी की जिम्मेदारी कामठी राजस्व अधिकारियों की है, वहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र मौदा पुलिस थाने के अधीन आता है। नागरिकों का आरोप है कि अवैध उत्खनन और ओवरलोड परिवहन की पूरी जानकारी होने के बावजूद अधिकारी 'अर्थपूर्ण' संबंधों के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
एसडीओ से शिकायत, जांच की मांग
रेत चोरी के इस गंभीर मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने उपविभागीय अधिकारी (SDO) संजय पवार से लिखित शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि इस नियम विरुद्ध उत्खनन की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नागरिकों का कहना है कि इस अवैध धंधे से न केवल राजस्व डूब रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है।
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