logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Nagpur: मकर संक्रांति के पहले नागरिकों को महंगाई का झटका, तिल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी


नागपुर: मकर संक्रांति का त्यौहार कुछ दिन ही दूर है। लेकिन महंगाई की मार से यह भी अछूता नहीं रहा। पिछले साल की तुलना में इस बार तील के भाव को रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।पछले साल जहाँ सफ़ेद तिल 150 से 160 रूपये किलों बिक रहा था वह अब 240 से 260 रूपये पहुंच गया है।

संक्रांति को लेकर तिल की मांग बढ़ गयी है. इसलिए, उपभोक्ता कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं। संक्रांति के अवसर पर घरों में विभिन्न प्रकार के तिल के व्यंजन, लड्डू और बर्फी बनाई जाती हैं। कुछ लोग तिल का दान भी करते हैं। हालांकि, इस बार तील की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल जहां सफ़ेद तील चिल्लर में जहां 150 से 160 रूपये बिक रहा था वहीं इस साल 200 से 210 रुपये किलों बिक रही है, इसी के साथ लाल तील के दामों में उछाला आया है, चिल्लर में लाल तील का भाव 260 से 270 रूपये किलो पहुंच गया है।

आवक कम होने से बढे दाम 

नागपुर में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से बड़ी मात्रा में तिल की आवक होती है। हालांकि, इस साल बारिश सहित अन्य कारणों से फसलों को भारी नुकसान हुआ, जिससे बाजार में तिल की आवक बेहद कम है। इस कारण दाम बढे हुए दिखाई दे रहे हैं।

अब कैसे होगा मुँह मीठा

तील के बढे भाव का असर अब लोगों पर भी दिखाई पड़ रहा है। पहले जहां लोग किलों में तिल खरीद रहे थे, वहीं दामों में बढ़ोतरी के बाद वह आधा रह गया है। लोग बढे हुए भावों के बाद कहते दिखाई पड़ रहे इस बाद कैसे मीठा-मीठा बोले?