साथी की मौत पर रेलवे अधिकारियों का काम बंद आंदोलन, लगभग ढाई घंटे तक रुके रहे ट्रेनों के पहिए
नागपुर: ईलाज के दौरान साथी की मौत को लेकर मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अधिकारियों और कर्मियों ने काम बंद आंदोलन किया। इस आंदोलन में नागपुर मंडल के आधीन आने वाले तमाम स्टेशन के कर्मचारी शामिल रहे। जिसके कारण ट्रेनों के पहिए थम गए। करीब घंटे तक यह आंदोलन चला। कर्मचारियों के आंदोलन की जानकारी मिलते ही डीआरएम तुरंत मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाया जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। आंदोलन के कारण तमाम स्टेशनों पर ट्रेनें खड़ी रही, इस दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
डीआरएम ऑफिस स्थित रेलवे अस्पताल में रेलवे के ही एक कर्मचारी की मृत्यु हो गयी. मृत कर्मचारी 50 वर्षीय सुनील नितनवरे है जिनका शुक्रवार दोपहर 2 बजे के करीब ऑपरेशन किया था. ऑपरेशन के दौरान ही नितनवरे को हार्ट अटैक आने की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने दी है.
सुनील का एक तारीख़ को एक्सीडेंट हो गया था जिसमे उनकी कलाई फैक्चर हो गयी थी. इसके बाद वो अस्पताल में ही भर्ती थे. शुक्रवार को करीब दो बजे उन्हें ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया. लेकिन चार बजे तक उन्हें बहार नहीं लाया गया. जब परिजनों ने डॉक्टरों से पूछताछ की तो बताया गया की ऑपरेशन के दौरान नितनवरे को सीवियर अटैक आया जिसमे उनकी मृत्यु हो गयी.
कलाई के ऑपरेशन से मृत्यु होने की बात सुनकर परिजन हंगामा करने लगे. देखते देखते ये खबर विभाग में आग की तरह फ़ैल गयी. रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काम बंद कर विरोध में शामिल हो गए. देखते देखते डीआरएम ऑफिस में स्थित कंट्रोल रूम के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो गए जिससे रेलवे का परिचालन ठप्प पड़ गया.
कई स्टेशनों पर खड़ी रही ट्रेनें
अपने साथी की मौत को लेकर आंदोलन के कारण कंट्रोल रूम पुरी तरह ठप्प रहा। इटारसी, बडनेरा, राजनांदगाँव, बल्लारशाह से नागपुर आने वाली सभी ट्रेनें अपने स्थान पर रुकी है. इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की भी कई अधिकांश ट्रेनें नागपुर के सीमावर्ती भागो पर रुकी रही. जिससे यात्री परेशान दिखे.
ढाई घंटे रुके रहे ट्रेनों के पहिए
इस बीच ट्रेनें रुकने से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया. मध्य रेलवे नागपुर मण्डल के डीआरएम मनोज कुमार कांता अन्य अधिकारियो के साथ कंट्रोल रूम पहुँचे जहां कर्मचारियों का ग़ुस्सा शांत कर उनकी माँगो को पूरा करने का भरोसा दिया. डीआरएम की समझाईस के बाद कर्मचारी काम पर लौटे. हालाकि कंट्रोल के सवा दो घंटे से बंद होने से कई बड़ी ट्रेनों के पहिए रुके रहे।
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