logo_banner
Breaking
  • ⁕ विधानसभा में गूंजा बीडीपेठ डीपी रोड अतिक्रमण और रिंगरोड मटन मार्किट का मुद्दा, विधायक मोहन मते ने राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: घर से 40 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त, एलसीबी और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म रहा अमरावती जिला, तापमान 41.8 डिग्री हुआ दर्ज; विदर्भ के छह जिलों में 40 पार तापमान ⁕
  • ⁕ Amravati: एनएचएम में फंड संकट: दो महीने से वेतन नहीं, स्वास्थ्य योजनाओं पर भी मंडरा रहा खतरा ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश, पाचपावली पुलिस की कार्रवाई; दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: अफवाह ने बढ़ाया बवाल, हिंगणा में ‘बच्चा चोरी’ के शक में बुजुर्ग महिला से मारपीट ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

नागपुर में कोरोना का बढ़ता खतरा: शहर के 10 जोन में खोले जाएंगे स्क्रीनिंग सेंटर


नागपुर: पिछले कुछ दिनों में नागपुर में कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि ने मनपा और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। पिछले पांच महीनों में 15 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं और उनमें से दो की मौत हो चुकी है। इस पृष्ठभूमि में प्रशासन ने शहर के सभी 10 जोन में स्क्रीनिंग सेंटर खोलने का फैसला किया है।

बताया गया है कि नागपुर के सरकारी मेडिकल अस्पताल और एक निजी अस्पताल में एक-एक मरीज की मौत हुई है। इनमें से एक मरीज नागपुर शहर का और दूसरा चंद्रपुर जिले का था। मृतक मरीजों को एचआईवी, टीबी और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियां थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई थी। इसलिए कोरोना संक्रमण उनके लिए ज्यादा घातक था।

जनवरी से अब तक शहर में 85 लोगों की कोविड जांच की गई है और उनमें से 15 पॉजिटिव पाए गए हैं। बाकी सभी निगेटिव थे। गौरतलब है कि अप्रैल में मरीजों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम थी, लेकिन मई में 26 जांच में 10 लोग पॉजिटिव पाए गए। वर्तमान में 4 मरीज सक्रिय हैं, जबकि अन्य को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि अप्रैल की तुलना में मई में मामलों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है।

राज्य सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में तत्काल कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने और इसे जिला प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आवश्यक दवाओं, पीपीई किट, आइसोलेशन बेड, मेडिकल ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का मौजूदा ओमीक्रॉन वैरिएंट अपेक्षाकृत हल्का है। हालांकि, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों से मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, भीड़भाड़ से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत जांच कराने और इलाज कराने का आग्रह किया गया है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सह-रुग्णताओं वाले लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।