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Nagpur

नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच नागपुर के चार नागरिक फंसे; सागा काउंटी में सुरक्षित, वापसी का इंतजार


नागपुर: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे नागपुर के चार नागरिकों की वापसी रोक दी है। मानसरोवर की परिक्रमा पूरी करने के बाद काठमांडू लौट रहे इन यात्रियों का निर्धारित मार्ग बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि चारों नागरिक फिलहाल चीन के सागा काउंटी क्षेत्र में सुरक्षित हैं।

फंसे यात्रियों में स्वावलंबी नगर निवासी और शासकीय कंत्राटदार सचिन जिरापुरे, उनकी पत्नी त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मी जिरापुरे, रामकूलर के संचालक राजेश अवचट और उनके काका शामिल हैं। ये सभी अपने कुछ मित्रों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।

मानसरोवर यात्रा पूरी, लेकिन वापसी का रास्ता बंद

जानकारी के अनुसार, कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी करने के बाद सभी यात्री दारचिन से सागा काउंटी पहुंचे थे। यहां से उन्हें क्यिराँग के रास्ते काठमांडू लौटना था। इसी दौरान नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी।

सचिन जिरापुरे ने बताया कि क्यिराँग के करीब 50 से 60 किलोमीटर के क्षेत्र में मुख्य सड़क, इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास का पूरा इलाका बाढ़ में बह गया है। जिस रास्ते से वे यात्रा कर चुके थे, जहां ठहरे थे और जहां भोजन किया था, वह पूरा इलाका बाढ़ की चपेट में आकर तबाह हो चुका है।

जिस होटल में ठहरे थे, वह भी बह गया

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवा में जिस होटल में ये यात्री रुके थे, वह होटल भी पूरी तरह बह गया। जिरापुरे के अनुसार, जिस इलाके में वे कुछ समय पहले मौजूद थे, वहां लौटने का रास्ता ही अब मौजूद नहीं है।

नेटवर्क और सोशल मीडिया बंद होने से परिवार परेशान

चीन के क्षेत्र में नेटवर्क की गंभीर समस्या और WhatsApp समेत सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध के कारण नागपुर में मौजूद परिजन लंबे समय तक यात्रियों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। इससे परिवार और परिचितों में चिंता बढ़ गई थी।

हालांकि बाद में किसी तरह संपर्क स्थापित होने के बाद चारों यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई। फिलहाल वे सागा काउंटी में सुरक्षित स्थान पर हैं।

वैकल्पिक रास्ते की तलाश, भारत सरकार भी सक्रिय

क्यिराँग का पारंपरिक मार्ग पूरी तरह बंद होने के कारण अब चीन के अधिकारी यात्रियों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाश रहे हैं। हालांकि नया रास्ता अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है।

इधर, नागपुर के चारों नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए भारतीय प्रशासन और विदेश मंत्रालय की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों के परिजन लगातार उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि सचिन जिरापुरे, डॉ. रश्मी जिरापुरे, राजेश अवचट और उनके काका सुरक्षित हैं। लेकिन बाढ़ से मुख्य मार्ग और संपर्क व्यवस्था तबाह होने के कारण उनकी स्वदेश वापसी में अभी समय लग सकता है।