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Nagpur

Nagpur: दहशत का पर्याय बने बाघ को आखिर वन विभाग ने पकड़ा, इलाज के दौरान मौत


नागपुर: वन विभाग पारशिवनी तहसील के नायककुंड शिवारा में खतरे में पड़े बाघ को पकड़ने में कामयाब रहा। पिछले एक माह से इसी क्षेत्र में घूम रहा बाघ खेत क्षेत्र छोड़कर गांव की ओर बढ़ रहा है। उसने पालोरा गांव में घुसकर एक कालवाड को मार डाला। इससे नागरिकों में भय का माहौल पैदा हो गया। वन विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी बाघ चकमा दे रहा था। हालांकि, रविवार को वन विभाग ने पकड़ लिया। हालांकि, इलाज के दौरान बाघ की मौत हो गई। 

रामटेक तहसील के साथ ही पारशिवनी और देवलापार अंतर्गत गुंडरी, घुकसी, माहुली, चीचभवन, नयाकुंड, पटगोवारी, आमडी सहित अन्य क्षेत्र में पिछले 3 महीने में दर्जनों जानवरों का इस बाघ ने शिकार किया था।  इस बाघ को पकड़ने के लिए नागरिकों के द्वारा किए गए।

आंदोलन और वन विभाग की सक्रियता से नयाकुंड गांव के पास बाघ  को बेहोश कर पकड़ लिया गया। जिसके बाद उसे गोरेवाडा उपचार केंद्र लाया गया, जहां उपचार के दौरान वाघ की मौत हो गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी अनिल भगत के अनुसार वाघ का पोस्टमार्टम होने के बाद मौत का कारण पता चल सकेगा।