Nagpur: कामठी के जाखेगांव में बाघ का हमला, गाय और बैल की मौत; किसान को डेढ़ लाख का नुकसान
नागपुर: नागपुर जिले की कामठी तहसील के जाखेगांव-बोरगांव क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। जाखेगांव में खेत में बांधकर रखी गई एक गाय और एक बैल पर बाघ ने हमला कर उन्हें मार डाला। इस घटना में दोनों किसानों को करीब डेढ़ लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने की जानकारी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने और प्रभावित किसानों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
सुबह खेत में मृत मिली गाय और बैल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जाखेगांव निवासी किसान लटारू नथू राऊत (65) ने अपनी गाय को खेत में बांधकर रखा था। शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब वे गाय का दूध निकालने के लिए खेत पहुंचे, तो गाय मृत अवस्था में मिली।
इसी दौरान पड़ोस के खेत में किसान जगदीश उमराव आखरे (45) का बैल भी मृत पाया गया। सुबह करीब 7 बजे बैल पर बाघ के हमले की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जांच में दोनों पशुओं की मौत बाघ के हमले से होने की बात सामने आई है।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही गांव की सरपंच भारती भोयर और महात्मा गांधी तंटामुक्त गांव अभियान के अध्यक्ष सचिन भोयर को सूचित किया गया। उन्होंने तुरंत वन विभाग के अधिकारी जितेंद्र बघेल और वडोदा के थानेदार मनोज गडादे को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान भी मौके पर जमा हो गए। तालुका प्रशासन की ओर से पटवारी तनु वत्ते सहित अन्य संबंधित लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे।
डेढ़ लाख रुपये के नुकसान का दावा, मुआवजे की मांग
बाघ के हमले में गाय और बैल की मौत से दोनों किसानों को करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना का पंचनामा कराकर प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
बाघ की दहशत से खेतों में जाने से डर रहे ग्रामीण
जाखेगांव-बोरगांव क्षेत्र में बाघ के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों और किसानों में डर बढ़ गया है। सरपंच भारती भोयर के अनुसार, बाघ की दहशत के कारण किसान और ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में भी भय महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ की गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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