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नितिन गड़करी ने नागपुर एम्स निदेशक को लगाई फटकार, बोले - सिकलसेल-थैलीसीमिया पर नहीं उठाए ठोस कदम, तो बांधे अपना बोरिया-बिस्तर


नागपुर: एम्स के कामकाज को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने भारी नाराजगी जताई है। गडकरी ने कहा कि उनकी लगातार कोशिशों के बाद भी सिकलसेल और थैलीसीमिया के मरीजों को मुंबई जाना पड़ता है। लेकिन एम्स में अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ऐसे में गड़करी ने सार्वजनिक मंच से एम्स निदेशक को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए अपना बोरिया बिस्तर बाँधने की चेतावनी दी।  

शनिवार को नागपुर के बुटीबोरी स्थित ट्रिपल आईटी के स्थायी परिसर का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित थे। 

कार्यक्रम में अपने संबोधन में, गडकरी नागपुर एम्स से कामकाज से नाखुश दिखे। उन्होंने सार्वजानिक मंच से ही एम्स निदेशक को कड़ी फटकार लगते हुए कहा कि नागपुर विभाग में बड़ी संख्या में सिकलसेल और थैलीसीमिया के मरीज हैं लेकिन एम्स में जरुरी सुविधा नहीं होने से मरीजों को मुंबई जाना पड़ता है 

गडकरी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉक्टर सही काम नहीं करेंगे तो वे अपना बोरिया बिस्तर बांध लें क्योंकि तुम्हे रखने में हमें कोई दिलचस्पी नहीं। ऐसा पहला मौका है जब गडकरी ने किसी सावर्जनिक मंच से एम्स की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि एम्स का सही उपयोग होना चाहिए ताकि नागपुर और विदर्भ का विकास हो साथ ही गरीबों को भी फायदा मिले।”