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अब समृध्दि महामार्ग पर जाने के लिए वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जरूरी, ट्रैवल्स संचालकों के साथ बैठक में आयुक्त ने दिया निर्देश


नागपुर: समृध्दि महामार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं  पर लगाम लगाने के लिए नागपुर पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया  है। इसके तहत अब महामार्ग पर जो भी वाहन जायेंगे उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र रखना जरुरी होगा। बुधवार को पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने अपने विभाग के आला अधिकारियों, आरटीओ, एसटी और ट्रैवल्स बस संचालकों के साथ संयुक्त बैठक की। इस दौरान यह निर्णय लिया गया। वहीं ट्रेवल्स संचालकों द्वारा पुलिस को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। 

सीपी ने बताया कि महामार्ग पर जाने के लिए वाहन फिट है या नहीं इसकी पूरी जांच की जाएगी. आरटीओ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन महामार्ग पर चलने के लिए फिट है या नहीं. इसके अलावा एंट्री प्वाइंट पर पुलिस सभी बस चालकों की जांच करेगी. कई बार बस चालक नशे में होने की शिकायत मिलती है. इसीलिए एंट्री पर ही ब्रिथ एनालाइजर के जरिए बस चालकों की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि बस में सवार यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है. सभी बसों में 2 चालक होने चाहिए.

किसी वजह से यदि एक चालक बीमार या ड्राइव करने में परेशानी हो तो दूसरा ड्राइवर तैयार रहना चाहिए. यात्रियों की शिकायत के लिए सभी बस मालिकों को अपने नाम और नंबर बड़े अक्षरों में दर्शनीय स्थान पर उपलब्ध कराने होंगे. यात्रियों की शिकायतों को सभी गंभीरता से लें. बस में अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध होने चाहिए. समय-समय पर सभी को इसकी जांच भी करानी होगी. यह केवल खानापूर्ति के लिए नहीं होने चाहिए. 

बस स्टैंड के 200 मीटर के दायरे में नहीं लगेंगी निजी बसें

गणेशपेठ बस स्टैंड के समीप जाधव चौक पर निजी ट्रैवल्स बसों का जमावड़ा होता है. इसकी वजह से यातायात की समस्या बढ़ गई है. सीपी ने सभी बस संचालकों को सख्त निर्देश दिए है कि बस स्टैंड से 200 मीटर के अंतर पर एक भी निजी वाहन दिखाई नहीं देना चाहिए. यदि ऐसा हुआ तो केवल चालान नहीं होगा. बस भी जब्त की जाएगी. बस चालक एसटी बस की तुलना में 50 प्रश अधिक किराया वसूल कर सकते हैं. यदि कोई इससे ज्यादा किराया लेता है तो आरटीओ को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. 

केवल स्टॉप पर ही रुकेगी बसें

सीपी ने सभी बस संचालकों और एटी महामंडल को निर्देश दिए है कि उनके वाहन केवल निर्धारित बस स्टॉप पर ही रुकने चाहिए. बस चालक स्टॉप छोड़कर 200 से 300 मीटर दूर आटोचालकों के झुंड के पास रुकते है. सभी बस मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी बसें तय किए गए स्टॉप पर ही रुके. सभी ट्राफिक जोन को इस संबंध में निर्देश दिए गए है.

यदि कोई बस चालक निर्देशों का उल्लंघन करें तो उनपर कार्रवाई की जाए. कई जगहों पर बस स्टॉप की वजह से भी यातायात प्रभावित हो रहा है. इसीलिए सभी ट्राफिक जोन के मुखिया को बस स्टॉप का जायजा लेने को कहा गया है. अधिकारियों से इसकी विस्तृति रिपोर्ट मांगी गई है. जरूरत पड़ी तो बस स्टॉप को स्थानांतरित भी किया जा सकता है.