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Nagpur

शहर के फ्लाईओवरों पर बढ़ती गड्ढों की संख्या, बनती जा रही जानलेवा


- आस्था तिवारी

नागपुर: जानता की परेशानी तब तक परेशानी ही बनी रहती है, जब तक वो हादसा न बन जाए। आम नागरिकों की दिनचर्या के छोटे-छोटे मुद्दे ठंडे बस्ते में बंद पड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन की नजरअंदाजी के सामने आम नागरिक असहाय से दिखाई पड़ रहे हैं।  

सड़कों और नवनिर्निमत फ़्लाइओवरों पर हुए गड्ढे, हर दिन हादसों को दावत दे रहे हैं। नागपुर शहर के लिए तो ये जैसे आम बात हो गई है। शहर में जहां-तहां, हर जगह सड़कों का काम चल रहा है। उत्तर नागपुर के पंचपावली हो या मंगलवारी फ्लाईओवर, गड्ढों की संख्या में सिर्फ वृद्धि हो रही है। लेकिन महीनों अपने ही स्थान पर, वाहन चालकों को रास्ता बदलकर जाने को मजबूर करते, इन जानलेवा गड्ढों की सुध सिर्फ इसके शिकार हो रहे आम नागरिक ही ले रहे हैं। 

इस फ्लाईओवर पर भारी वाहन जैसे, बस, स्कूल वैन, ऑटो सहित अन्य मालवाहक वाहनों का आना जाना लगा रहता है। वैसे नियम के अनुसार तो भारी वाहन इस फ्लाईओवर से गुजर नहीं सकते। लकिन कहें क्या? 

मंगलवारी से कड़बी चौक जाने वाला यह फ्लाईओवर तो इस हाल पर पहुंच चुका है कि फ्लाईओवर पर बिछी हुए सलाखे तक पारदर्शी हो गई हैं। इस गलती को छुपाने के लिए के लिए उस पर पर्दा डाल दिया गया था। अब पुनः प्रशासन ने सीना चौड़ा कर उस कपड़े को भी हटा दिया है।

इस समस्या की ओर लोक कल्याण विभाग की ढिलाई, कहीं किसी अन्य दुर्घटना को अंजाम न दे दे। लेकिन सवाल अभी यही बना हुआ है कि इन हादसों का ज़िम्मेदार कौन…? जानता के इस छोटे से मुद्दे पर क्या है प्रशासन का जावाब..?