logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनपा चुनावो में भाजपा की जीत पर भाजपा में जश्न का माहौल, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- जनता ने विकास के नाम पर दिया वोट ⁕
  • ⁕ अमरावती मनपा चुनाव: युवा स्वभामिनी ने भाजपा का बिगाड़ा खेल, केवल जीत पाई 25 सीट ⁕
  • ⁕ Chandrapur Election Result: भाजपा को लगा झटका, 27 सीट जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी; देखें उम्मीदवारों की पूरी सूची ⁕
  • ⁕ Akola Municipal Corporation Result: अकोला मनपा पर भाजपा का परचम, 38 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी ⁕
  • ⁕ Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज ⁕
  • ⁕ Chandrapur NMC Election 2026: कांग्रेस को बड़ी बढ़त, चंद्रपुर में जीत लगभग तय: विजय वडेट्टीवार ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

विभाजन विभीषक दिन आज, केंद्रीय मंत्री गडकरी बोल- धर्म के आधार हुआ विभिजन भारतीय इतिहास का काल अध्याय


नागपुर: गुरुवार को भारत को आजाद हुए 77 साल हो जायेंगे। वहीं आज बुधवार 14 अगस्त है। भारत में इस दिन को विभाजन विभीषक दिन के रूप में मनाया जाता है। धर्म के आधार पर हुए बटवारे और उसके बाद हुए हत्याकांड की याद में इस दिन को मनाया जाता है। इस विभाजन में न केवल भारतीय उप-महाद्वीप के दो टुकड़े किये गये, बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया और बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग करके पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया। बटवारे के दौरान हुए हत्याकांड में मरने वालों को श्रद्धांजलि को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय इतिहास का काल अध्याय बताया है। 

गडकरी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "1947 में धर्म के आधार पर हुआ देश का विभाजन भारतीय इतिहास का एक अमानवीय और काला अध्याय है। आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन सभी लोगों का स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्हें देश के विभाजन के समय अपनी ज़िंदगी गँवानी पड़ी। देश इस विभाजन की विभीषिका कभी नहीं भूलेगा।"

पीएम मोदी ने किया था ऐलान 

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2021 को लाल किले पर अपने भाषण में 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के रूप में मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद से 14 अगस्त को बटवारे के दौरान हुए दंगे और उनमें मरने वाले लोगों को याद में यह दिन मनाया जाने लगा। हालांकि, केंद्र के इस निर्णय का कांग्रेस ने विरोध किया था।