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Nagpur: समृद्धि महामार्ग बंद करने की याचिका, HC का सरकार को नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब


नागपुर: समृद्धि महामार्ग पर लगातार हो रहे हादसों के चलते सामाजिक कार्यकर्ता अनिल वाडपल्लीवार ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अतुल चांदुरकर और न्यायाधीश वृषाली जोशी ने राज्य सरकार के परिवहन व महामार्ग, पीडब्ल्यूडी और एमएसआरडीसी को नोटिस जारी किया है. नोटिस ने उक्त विभागों को जवाब देने के आदेश दिए गए हैं. न्यायालय ने चार सप्ताह के भीतर जवाब दायर करने का आदेश दिया है.

दुर्घटनाएं रोकने और सुरक्षा के उद्देश्य से यह याचिका बुधवार को दायर की गई. इस एक्सप्रेस वे पर हुई दुर्घटनाओं में अबतक कई लोगों की जान जा चुकी है. सुविधाओं के सटीक कार्यान्वयन तक एक्सप्रेस-वे बंद करने के आदेश देने का अनुरोध करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अनिल वाडपल्लीवार ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की.

याचिका में कहा गया कि 6 लेन एक्सप्रेस-वे राज्य के कुल 10 जिलों तथा 360 गावों से गुजरने वाले इस महामार्ग पर अब तक हो 450 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. जिसमें कुल 88 लोगों की मौत हुई है और 232 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इन्हीं घटनाओं और हादसों का की जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता ने कोर्ट से सुरक्षा के ठोस प्रबंध होने तक एक्सप्रेस वे बंद कर की मांग की है.