logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

छोटी स्कर्ट पहन महिलाओं का उत्तेजक नृत्य करना अश्लील नहीं: उच्च न्यायालय


नागपुर: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि छोटी स्कर्ट पहनने और उत्तेजक नृत्य करने वाली महिलाओं को अश्लील हरकत करने वाला नहीं कहा जा सकता। कोर्ट, अश्लीलता क्या है, इसे लेकर एक प्रकरण पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि इस शब्द को परिभाषित करने का काम पुलिस पर नहीं छोड़ा जा सकता है। नागपुर खंडपीठ ने यह भी कहा कि वह नैतिकता के प्रचलित मानदंडों और वर्तमान समय में किस प्रकार के पहनावे को सामान्य और स्वीकार्य माना जाता है, के प्रति सचेत हैं। 

नागपुर पीठ ने हाल ही में एक पार्टी में "कम कपड़े पहने" महिलाओं को नाचते हुए देखने के लिए पांच लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया। जस्टिस विनय जोशी और वाल्मिकी एसए मेनेजेस की खंडपीठ ने 11 अक्टूबर को नागपुर जिले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। 

कोर्ट ने आदेश में कहा, “कौन से कार्य अश्लीलता का कारण बन सकते हैं, इस बारे में एक संकीर्ण दृष्टिकोण रखना हमारी ओर से एक प्रतिगामी कार्य होगा। हम मामले में प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाना पसंद करते हैं और इस तरह का निर्णय पुलिस अधिकारियों के हाथों में छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।”

अदालत ने कहा, “आरोपी महिलाओं की हरकतें, जो कथित तौर पर छोटी स्कर्ट पहने थीं और उत्तेजक नृत्य कर रही थीं या अश्लील इशारे कर रही थीं, उन्हें अश्लील हरकतें नहीं कहा जा सकता है।"

एफआईआर के मुताबिक, 31 मई को पुलिस ने उमरेड इलाके में एक जगह पर छापा मारा और पाया कि कुछ लोग "कम कपड़े पहने महिलाओं को अश्लील नृत्य करते हुए" देख रहे थे और उन पर नकली नोटों की बारिश कर रहे थे।

एफआईआर में महिलाओं समेत 18 लोगों के नाम शामिल हैं। इसके बाद आरोपियों ने मामले को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया।