logo_banner
Breaking
  • ⁕ Ramtek: ट्रक और स्कॉर्पियो की भीषण भिड़ंत, नेशनल हाईवे-44 पर पलटी गाड़ी; 3 लोग गंभीर रूप से घायल ⁕
  • ⁕ Amravati: जिले के 15 केंद्रों पर चना-तुअर की सरकारी खरीदी शुरू; अब तक 9,145 किसानों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Amravati: बेटियों को बस में बिठाने गए पिता की सड़क हादसे में मौत, साथ में बड़ी बेटी ने भी तोड़ा दम; दूसरी की हालत नाजुक ⁕
  • ⁕ नागपुर में भीषण सड़क हादसा: मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 26 घायल, 10 की हालत नाजुक ⁕
  • ⁕ विधानसभा में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक पेश, मुख्यमंत्री बोले- किसी धर्म के विरोध में नहीं; UBT का समर्थन, Congress और SP ने किया विरोध ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमआईडीसी में पिस्टल की नोक पर बार में लूट, कुख्यात अजीत सातपुते गैंग सहित 6 गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

विदर्भ में समर सीजन में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश ! मार्च-मई के बीच सामान्य से 352 % ज्यादा बारिश दर्ज


नागपुर: विदर्भ में इस समर सीजन रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज हुई है. विदर्भ में मार्च अप्रैल और मई महीने के बीच सामान्य से 352 % ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इसमें सबसे अधिक यवतमाल में 144.1 मिमी और नागपुर में 133.8 मिमी बारिश दर्ज हुई. 

मार्च, अप्रैल, मई का महीना भले ही भीषण गर्मी के लिए जाना जाता हो. लेकिन विदर्भ में इन तीन महीनों के दौरान सूर्य देव के साथ ही इंद्रदेव भी काफी मेहरबान दिखे। इन तीन महीने की हुई बारिश के आंकड़ोंपर गौर करें तो विदर्भ में कुल 73.7 mm बारिश दर्ज हुई है. जबकि इसी टाइम पीरियड में सामान्य तौर पर 16.3 mm बारिश होती है. यानी सामान्य से 352 फीसदी अधिक बारिश इन महीनो में रिकॉर्ड की गई है. सबसे अधिक बारिश यवतमाल में दर्ज की गयी जहा सामान्य से 733 प्रतिशत ज्यादा 144.1 mm बारिश हुई है. वहीं, अगर नागपुर की बात करे तो. जिले में 435 % अधिक 133.8mm बारिश रिकॉर्ड हुई है. 

अन्य जिले में अकोला में 111 % ज्यादा 28.1 मिमी, अमरावती में 339 % अधिक 57.5 मिमी भंडारा 90.3 मिमी, बुलढाणा 29.7 मिमी, चंद्रपुर 83.2 मिमी, गडचिरोली 29.8 मिमी, गोंदिया 87.5 मिमी, वर्धा 45 मिमी, और वाशिम में 52.1 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है. 

मई महीने में इस वर्ष बेमौसम बारिश के दिन पिछले कुछ वर्षो की तुलना में अधिक रहे है. इस बीच मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिन और बेमौसम बारिश की संभावना जताई है. इसके लिए मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है।  

बदलते मौसम की सबसे ज्यादा मार किसानो पर पड़ती है. कपास, सोयाबीन, संतरा यह इस क्षेत्र की मुख्य फसलें है. जो बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इसके अलावा अन्य फसलें भी बेमौसम बारिश में धुल गयी. इसके चलते ही किसानों को आर्थिक तंगी की मार झेलनी पड़ रही है. दूसरी तरह मौसम जानकार  गर्मी सीजन ममें 352 mm बरसात के पीछे ग्लोबल वार्मिंग को सबसे बड़ी वजह बता रहे है.