logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

विदर्भ में समर सीजन में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश ! मार्च-मई के बीच सामान्य से 352 % ज्यादा बारिश दर्ज


नागपुर: विदर्भ में इस समर सीजन रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज हुई है. विदर्भ में मार्च अप्रैल और मई महीने के बीच सामान्य से 352 % ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इसमें सबसे अधिक यवतमाल में 144.1 मिमी और नागपुर में 133.8 मिमी बारिश दर्ज हुई. 

मार्च, अप्रैल, मई का महीना भले ही भीषण गर्मी के लिए जाना जाता हो. लेकिन विदर्भ में इन तीन महीनों के दौरान सूर्य देव के साथ ही इंद्रदेव भी काफी मेहरबान दिखे। इन तीन महीने की हुई बारिश के आंकड़ोंपर गौर करें तो विदर्भ में कुल 73.7 mm बारिश दर्ज हुई है. जबकि इसी टाइम पीरियड में सामान्य तौर पर 16.3 mm बारिश होती है. यानी सामान्य से 352 फीसदी अधिक बारिश इन महीनो में रिकॉर्ड की गई है. सबसे अधिक बारिश यवतमाल में दर्ज की गयी जहा सामान्य से 733 प्रतिशत ज्यादा 144.1 mm बारिश हुई है. वहीं, अगर नागपुर की बात करे तो. जिले में 435 % अधिक 133.8mm बारिश रिकॉर्ड हुई है. 

अन्य जिले में अकोला में 111 % ज्यादा 28.1 मिमी, अमरावती में 339 % अधिक 57.5 मिमी भंडारा 90.3 मिमी, बुलढाणा 29.7 मिमी, चंद्रपुर 83.2 मिमी, गडचिरोली 29.8 मिमी, गोंदिया 87.5 मिमी, वर्धा 45 मिमी, और वाशिम में 52.1 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है. 

मई महीने में इस वर्ष बेमौसम बारिश के दिन पिछले कुछ वर्षो की तुलना में अधिक रहे है. इस बीच मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिन और बेमौसम बारिश की संभावना जताई है. इसके लिए मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है।  

बदलते मौसम की सबसे ज्यादा मार किसानो पर पड़ती है. कपास, सोयाबीन, संतरा यह इस क्षेत्र की मुख्य फसलें है. जो बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इसके अलावा अन्य फसलें भी बेमौसम बारिश में धुल गयी. इसके चलते ही किसानों को आर्थिक तंगी की मार झेलनी पड़ रही है. दूसरी तरह मौसम जानकार  गर्मी सीजन ममें 352 mm बरसात के पीछे ग्लोबल वार्मिंग को सबसे बड़ी वजह बता रहे है.